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Protest against the Waqf Amendment Bill भोपाल/ जयपुर। एक तरफ जहाँ वक्फ संशोधन बिल के लागू होने की उलटी गिनती चालू हो गयी है वहीँ दूसरी तरफ देशभर में मुस्लिम इसकी खिलाफत कजर रहे हैं। आज जुमे की नमाज के दौरान देश भर में नमाजी काली पट्टी बांध कर आए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन करने की अपील की थी। बोर्ड ने कहा कि अगर यह बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे।
एआईएमपीएलबी की 31 सदस्यीय कार्य समिति ने विधेयक का विरोध करने के लिए सभी संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके अपनाने का संकल्प लिया है। विधेयक को उसने उसने “विवादास्पद, भेदभावपूर्ण और नुकसानदेह” बताया है। एआईएमपीएलबी ने एक बयान में हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, मलेरकोटला (पंजाब) और रांची में बड़ी रैलियाँ आयोजित करने का आव्हान किया था।
उसी सिलसिले में भोपाल, जयपुर और देशभर में ये प्रदर्शन हुआ। भोपाल में रमजान महीने के आखिरी जुमे पर बड़ी तादाद में ताजुल मसाजिद में मुस्लिम समुदाय ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। भोपाल में काजी बोले- वक्फ संपत्तियों पर जालिम की नजर है। हमारी जायदादों को हड़पकर पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की प्लानिंग है।
काजी सैयद अनस अली ने कहा वक्फ अमेंटमेंट बिल वक्फ की संपत्तियों को हड़पने के लिए लाया जा रहा है। यह बिल मुस्लिमों के हित में नहीं है। सुनियोजित तरीके से उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने और मुसलमानों की वक्फ संपत्तियों को हड़पने के लिए यह बिल है। वक्फ की संपत्तियों पर जालिमों की नजरें हैं। यह जालिम हमारी संपत्तियों को हड़पना चाहते हैं। हम अपनी संपत्तियों की हिफाजत हर हाल में करेंगे।
प्रोटेस्ट फिलिस्तीन के बैनर
इस नमाज में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल रहे। हाथों में काली पट्टी बांधे और प्रोटेस्ट फिलिस्तीन के बैनर पोस्टर लिए हुए थे। इधर जुमे की नमाज के बाद कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने कहा- मुस्लिम समाज ने हाथ में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन किसी पार्टी विशेष का नहीं सिर्फ मुस्लिम समाज का है। अपनी संपत्तियों की हिफाजत के लिए मुस्लिम समाज ने यह प्रदर्शन किया है।
AIMPLB ने कहा- विरोध दर्ज करें
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 2025 एक गहरी साजिश है। जिसका स्पष्ट उद्देश्य मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाहों, खानकाहों, कब्रिस्तानों और उनके अन्य धार्मिक और सामाजिक संस्थानों से बेदखल करना है।
इसलिए देश के हर मुसलमान की जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का कड़ा विरोध दर्ज कराए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश के सभी मुसलमानों से अपील करता है कि वे जुम्मा के दिन हाथ पर काली पट्टी बांधकर मस्जिद में आएं और शांतिपूर्ण और मौन तरीके से प्रदर्शन करें।
जयपुर में काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे लोग
जयपुर में जौहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद पर बड़ी संख्या में रोजेदार काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, वक्फ बोर्ड चेयरमैन खानु खान बुधवाली भी नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे। जो हाथ पर काली पट्टी बांधे दिखे।
विधायक रफीक खान ने कहा- केंद्र सरकार अपनी मन मरजी से इस तरह का संशोधन वक्फ बिल लेकर आ रही है। जो हमें किसी भी हालत में मंजूर नहीं है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिम समाज के लोगों को ईद पर गिफ्ट बांट रहे हैं। दूसरी तरफ वक्त में संशोधन के नाम पर मुस्लिम समाज के लोगों को डराया जा रहा है।
एआईएमपीएलबी की 31 सदस्यीय कार्य समिति ने विधेयक का विरोध करने के लिए सभी संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके अपनाने का संकल्प लिया है, जिसे उसने “विवादास्पद, भेदभावपूर्ण और नुकसानदेह” बताया है। एआईएमपीएलबी ने एक बयान में कहा कि हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, मलेरकोटला (पंजाब) और रांची में बड़ी रैलियाँ आयोजित की जाएँगी।
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