मुंबई के बोरीवली गरबा आयोजन में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर BJP विधायक संजय उपाध्याय ने तिलक और देवी पूजा की शर्त बताई। आधार कार्ड जांच भी होगी।
मुंबई के बोरीवली में आगामी नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजन को लेकर मुस्लिमों की भागीदारी का मुद्दा चर्चा में आ गया है। बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय के जो लोग गरबा में शामिल होना चाहते हैं,
उन्हें तिलक लगाना और देवी की पूजा करना होगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों में प्रवेश को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस चल रही है।
बोरीवली में गरबा आयोजन के भूमिपूजन और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय उपाध्याय ने प्रवेश को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को अगर कार्यक्रम में आना है तो वे अपनी पत्नी, बहन या बेटी के साथ आएं, तिलक लगाएं और देवी की पूजा करें। उपाध्याय ने इसे धार्मिक आयोजन बताते हुए अपनी शर्तों का उल्लेख किया। उनके बयान में ‘लव जिहाद’ का भी संदर्भ आया।
इसी कार्यक्रम में बीजेपी के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने भी मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति तिलक लगाकर गरबा में आता है तो उसे शामिल होने दिया जा सकता है।
शेट्टी ने इसकी तुलना ईद के कार्यक्रमों से करते हुए कहा कि जिस तरह हिंदू नेता मुस्लिम आयोजनों में टोपी पहनते हैं, उसी तरह गरबा में आने वाले मुस्लिमों को तिलक लगाने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजक संतोष सिंह ने भी जानकारी दी। उनके मुताबिक गरबा स्थल पर प्रवेश से पहले आधार कार्ड की जांच की जाएगी। आयोजकों ने इस साल सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने की बात कही है। कार्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया और पहचान जांच से जुड़ी व्यवस्था को लेकर टीम तैनात किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बोरीवली का यह मामला महाराष्ट्र में चल रही व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है। विश्व हिंदू परिषद ने भी राज्य में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी पर रोक लगाने की मांग की है।
संगठन ने आयोजकों से प्रतिभागियों की पहचान जांचने की अपील की है। इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक नेताओं के बयान भी सामने आए हैं।
महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे भी पहले गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने पहचान जांच और अन्य शर्तों की बात कही थी। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने इससे अलग राय रखते हुए कहा था कि मुस्लिमों का गरबा देखने आना गलत नहीं है और त्योहारों को लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए।
इस बीच बोरीवली के गरबा कार्यक्रम में फाल्गुनी पाठक और गीता रबारी जैसे कलाकारों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगी।
गरबा में मुस्लिमों की भागीदारी, पहचान जांच और प्रवेश की शर्तों को लेकर महाराष्ट्र में बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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