MP Assembly Budget Session 2026: आवारा कुत्तों के ‘आतंक’ पर घमासान, दूषित पानी और अनुपूरक बजट भी बने सियासी मुद्दे

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MP Assembly Budget Session 2026: आवारा कुत्तों के ‘आतंक’ पर घमासान, दूषित पानी और अनुपूरक बजट भी बने सियासी मुद्दे

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 का दूसरा दिन (17 फरवरी) हंगामेदार रहा। एक ओर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 19,287 करोड़ 32 लाख रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश किया।

वहीं दूसरी ओर कई मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। अनुपूरक बजट पर 23 फरवरी को चर्चा प्रस्तावित है और आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन के पटल पर रखा गया।

विधानसभा के बजट सत्र में आवारा कुत्तों का मुद्दा बना केंद्र बिंदु

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने भोपाल में बढ़ते डॉग बाइट मामलों को गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा का मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है।

नगर निगम द्वारा नसबंदी और वैक्सीनेशन के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बावजूद हालात काबू में नहीं हैं।

अकील ने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं तो फिर कुत्तों की संख्या और काटने की घटनाओं में कमी क्यों नहीं आई? उन्होंने सरकार से विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल नगर निगम हर डॉग बाइट घटना को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई करता है।

उन्होंने बताया कि बदलते मौसम, भोजन की उपलब्धता, ब्रीडिंग सीजन, बीमारियां और बच्चों की गतिविधियों जैसे कारणों से आवारा कुत्तों में आक्रामकता बढ़ती है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के तहत बिना नसबंदी वाले कुत्तों को पकड़कर ऑपरेशन के बाद उनके मूल स्थान पर छोड़ा जाता है।

सरकार का दावा है कि कार्रवाई लगातार जारी है और स्थिति नियंत्रण में है।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव भी रखा गया

सत्र के दौरान आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का संकल्प भी प्रस्तुत किया। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने टिप्पणी की कि मस्जिदों में मुल्ला-मौलवियों से कसम दिला दी जाए तो गाय कटनी बंद हो जाएगी।

इस बयान के बाद सदन में कुछ समय के लिए तीखी बहस छिड़ गई।

दूषित पानी पर कांग्रेस का प्रदर्शन

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई विधायक कथित गंदे पानी की बोतलें लेकर गांधी प्रतिमा के सामने पहुंचे और नारेबाजी की। उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर की जनता श्मशान जा रही है

और जिम्मेदार लोग कुर्सियों पर बैठे हैं। तराना (उज्जैन) से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि इस घटना से प्रदेश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा है।

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राजनीतिक तापमान अपने चरम पर रहा

बजट सत्र के दूसरे दिन स्पष्ट दिखा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, शहरी प्रबंधन और पशु नियंत्रण जैसे मुद्दे अब बड़े राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं। विपक्ष जहां और की बात कर रहा है, वहीं सरकार अपनी कार्यप्रणाली का बचाव कर रही है।

आने वाले दिनों में अनुपूरक बजट पर चर्चा और इन मुद्दों पर आगे की बहस से यह तय होगा कि क्या सदन में उठे सवाल नीतिगत बदलाव की दिशा में आगे बढ़ेंगे या सियासी बयानबाजी तक सीमित रहेंगे। फिलहाल ने कई संवेदनशील मुद्दों को केंद्र में ला दिया है

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