भिलाई.
साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों की जांच के आधार पर 3 थाना क्षेत्रों से 06 खाताधारकों के विरुद्ध पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपियों 2 से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम, चेकबुक एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराना पाया गया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि साइबर अपराधों की जांच के दौरान दुर्ग पुलिस साइबर ठगी से प्राप्त राशि के विभिन्न बैंक खातों में लेनदेन की जानकारी का विश्लेषण किया। जांच में थाना भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर एवं सुपेला क्षेत्र के कुछ बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन एवं हस्तांतरण में होना पाया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित खाताधारकों ने धनराशि / कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे।
इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने एवं खपाने के लिए किया गया। संबंधित खातों में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का ट्रांजेक्शन पाया। प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर थाना सुपेला के धारा 318 (2), 318 (3), 317 (4) बीएनएस में 03 आरोपी, थाना भिलाई भट्ठी के धारा 318 (2), 318 (3), 317 (4) बीएनएस में 01 आरोपी तथा थाना भिलाई नगर के धारा 318 (2), 318 (3), 317 (4) बीएनएस में 02 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की है।
इस मामले में मोहन राम (50 वर्ष) निवासी घासीदास नगर, जामुल गजेन्द्र कुमार साहू (23 वर्ष) निवासी रिसाली, भीष्म लाल भारती (27 वर्ष) निवासी कुम्हारी, ओम प्रकाश यादव (28 वर्ष) निवासी जेवरा सिरसा, देवरतन टंडन (39 वर्ष) निवासी खुर्सीपार व लोकनाथ वर्मा (29 वर्ष) निवासी पांच रास्ता सुपेला पर कार्रवाई की है।
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