India Warns Pakistan: भारत ने पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे भारत के खिलाफ गैर-जिम्मेदार और उकसावे वाले बयान देना बंद करें।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में साफ कहा कि पाकिस्तान को अपनी जुबान पर कंट्रोल रखना चाहिए, क्योंकि कोई भी गलत कदम खतरनाक नतीजे ला सकता है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का नेतृत्व अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार भारत-विरोधी बयान देता है।
उन्होंने कहा कि हमने वो रिपोर्टें देखी हैं जिसमें पाकिस्तानी नेतृत्व लगातार लापरवाह, युद्धोन्मादी और नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां कर रहा है।
अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार भारत-विरोधी बयान देना पाकिस्तान के नेतृत्व की जानी-मानी आदत है।
48 घंटों में पाक के 3 बड़े नेताओं की भारत को धमकी
यह कड़ी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब पिछले 48 घंटों में पाकिस्तान के तीन बड़े नेताओं ने भारत को लेकर धमकी भरे बयान दिए।
- पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर — अमेरिका यात्रा के दौरान भारत के खिलाफ परमाणु हथियार के इस्तेमाल का इशारा किया।
- प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ — कहा कि पाकिस्तान भारत को उसका “हक का एक भी बूंद पानी” नहीं छीनने देगा।
- पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो — भारत पर उकसावे वाले आरोप लगाए और आक्रामक टिप्पणी की।
ये बयान भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के निर्णय के बाद सामने आए हैं। भारत ने यह फैसला पाकिस्तान समर्थित पहलगाम आतंकी हमले और सीमा पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने के जवाब में लिया था।
सिंधु जल संधि पर भारत का रुख
विदेश मंत्रालय ने Permanent Court of Arbitration (PCA) के उस हालिया फैसले को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भारत पाकिस्तान की ओर जाने वाली नदियों का पानी नहीं रोक सकता।
जायसवाल ने स्पष्ट किया —
- भारत ने इस तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय की वैधता, औचित्य या अधिकार को कभी स्वीकार नहीं किया।
- इसका फैसला अधिकार क्षेत्र से बाहर है, कानूनी रूप से अमान्य है और भारत के जल उपयोग के अधिकारों पर कोई असर नहीं डालता।
- 27 जून 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में पहले ही बताया गया था कि सिंधु जल संधि भारत सरकार के संप्रभु निर्णय के तहत स्थगित की गई है।
- यह कदम पाकिस्तान के बर्बर पहलगाम आतंकी हमले सहित सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के जवाब में उठाया गया।
भारत की पाकिस्तान को चेतावनी
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी, जिसके तहत सिंधु बेसिन की नदियों के जल बंटवारे को लेकर नियम तय किए गए।
दशकों से यह समझौता कायम रहा, लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पार आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों के चलते भारत ने जून 2025 में इसे स्थगित करने का ऐलान किया।
हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें कई पर्यटक मारे गए, इस निर्णय का सीधा कारण बना।
इसी को लेकर पाकिस्तान के बड़े नेताओं ने भारत को धमकियां दी।
बहरहाल, विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि पाकिस्तान को चाहिए कि वह बयानबाजी में संयम बरते और सीमा पार आतंकवाद रोकने पर ध्यान दे।
जायसवाल ने चेतावनी दी अगर पाकिस्तान ने कोई भी गलत कदम उठाया तो उसके नतीजे बेहद खतरनाक होंगे, जैसा कि हाल ही में देखने को मिला था।
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