पार्वती पुल निर्माण और मनरेगा बचाओ को लेकर कांग्रेस का जोरदार धरना, प्रदेशव्यापी जल सत्याग्रह की चेतावनी
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में पार्वती नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के शीघ्र निर्माण की मंजूरी और मनरेगा बचाओ योजना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बड़ा धरना प्रदर्शन किया।
यह धरना शहर के प्रमुख क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्वती पुल नरसिंहगढ़ के लिए जीवनरेखा की तरह है और इसके क्षतिग्रस्त होने से न केवल आमजन को परेशानी हो रही है,
बल्कि स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों को वैकल्पिक मार्गों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण पुल निर्माण की फाइलें लंबे समय से अटकी हुई हैं।
भाजपा सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व ऊर्जा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियव्रत सिंह खींची ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आम जनता के मुद्दों की अनदेखी कर रही है और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की नीतियां बना रही है।
प्रियव्रत सिंह ने आरोप लगाया कि गरीबों, किसानों और मजदूरों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मनरेगा बचाओ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना गरीबों के रोजगार की गारंटी है, लेकिन भाजपा सरकार इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में जनता के हित में काम कर रही होती, तो पार्वती पुल का निर्माण कब का शुरू हो चुका होता।
पुल निर्माण नहीं हुआ तो होगा जल सत्याग्रह आंदोलन
पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह खींची ने मंच से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्वती पुल के निर्माण को शीघ्र मंजूरी नहीं दी गई और काम शुरू नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी पूरे मध्य प्रदेश में जल सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक होगा और सरकार को जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक पुल का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और आमजन की सुविधा का सवाल है। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
एसआईआर गड़बड़ी को लेकर अधिकारियों पर सवाल
धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व ऊर्जा मंत्री ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रियव्रत सिंह ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे भाजपा के एजेंट के रूप में काम न करें और निष्पक्षता से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जनता के साथ अन्याय करेगा, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। धरने में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भी एकजुट होकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
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