बागबाहरा और बिहाझर के बच्चों की प्रतिभा निखारने पर फोकस, व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश
बच्चों की सुरक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर देना होगा जोर:- डॉ वर्णिका शर्मा
बागबाहरा
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बागबाहरा प्रवास के दौरान प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, बागबाहरा एवं बिहाझर क्षेत्र में संचालित बालक गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। कन्या छात्रावास में बच्चियों के कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित करने, लाइब्रेरी एवं रीडिंग रूम को सुव्यवस्थित करने तथा स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बिहाझर स्थित बालक गृह में बड़े बच्चों की तीरंदाजी के प्रति रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण की सराहना की और साथ ही, छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं उपकरण उपलब्ध कराने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, व्यवस्थित स्टडी रूम तैयार करने तथा भंडार गृह की स्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल संरक्षण का उद्देश्य केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उनकी रुचि, प्रतिभा, कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना भी है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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