Digvijaya Singh: अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमलावर नजर आए।
बीते दो दिनों में इंदौर और राजगढ़ में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा की और कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत हमले किए, बल्कि जीएसटी सुधार, आदिवासी समाज और मौजूदा हालात पर भी खुलकर सवाल उठाए।
“PM इतना गिर जाएंगे, उम्मीद नहीं थी”
शुक्रवार को इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बयानों में गिरावट देखकर हैरानी होती है।
उन्होंने कहा, हमने शुरू से कहा है कि जिसने अपशब्द कहे हैं, उस पर कार्रवाई हो। वह व्यक्ति न कांग्रेस का सदस्य है और न ही समर्थक।
लेकिन पीएम खुद भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं। उन्हें यह शोभा नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करती और किसी भी स्थिति में ऐसे शब्दों का समर्थन नहीं किया जा सकता।
मैंने पहले ही कहा था 5 स्लैब नहीं चलते
इंदौर में ही दिग्विजय सिंह ने हाल ही में लागू किए गए GST 2.0 सुधारों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि संसद में उन्होंने पहले ही कहा था कि पांच टैक्स स्लैब नहीं चल सकते। एकल स्लैब लागू होना चाहिए।
वर्तमान में भी 5%, 18% और 40% के तीन स्लैब हैं और सेंट्रल एक्साइज व सेस जैसे अतिरिक्त बोझ अलग से लगे हैं।
उन्होंने इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि यह आम लोगों को राहत देने के बजाय भ्रमित करने वाला है।
“देश मूल रूप से आदिवासियों का है”
इसी दौरान कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार द्वारा दिए गए बयान “गर्व से कहो हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं” पर उठे विवाद पर दिग्विजय सिंह ने उनका समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि भारत मूल रूप से आदिवासियों का देश है। हम सब तो सेंट्रल एशिया से आए हुए हैं। संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था का पालन करने का अधिकार देता है।
आदिवासी प्रकृति पूजक होते हैं और उन्हें अपनी मान्यताओं के अनुसार धर्म मानने का अधिकार है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को गलत तरीके से प्रचारित कर रही है।
राजगढ़ में पीएम मोदी पर सीधा हमला
गुरुवार को राजगढ़ में मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि मोदी जी खुद को सनातनी हिंदू कहते हैं, लेकिन अपनी मां के निधन पर उन्होंने मुंडन तक नहीं कराया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब आप अपनी मां की सेवा और संस्कारों का पालन नहीं करते तो दूसरों को संस्कार और सेवा का पाठ कैसे पढ़ा सकते हैं?
उन्होंने कहा कि देश की असली समस्या गालियां नहीं हैं, बल्कि संविधान पर खतरा, चुनाव आयोग का पक्षपात, वोट की चोरी, महंगाई और बेरोजगारी है।
अमीर-गरीब की खाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गालियों की राजनीति कर रहे हैं।
GST गरीबों पर बोझ, उद्योगपतियों को राहत
जीएसटी सुधारों पर हमला जारी रखते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का अकेला देश है, जहां गरीबों पर जीएसटी का बोझ डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिनकी आय पांच लाख से कम है, उन पर टैक्स का बोझ 30% तक है, जबकि बड़े उद्योगपतियों पर टैक्स 22% से भी कम है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों को राहत और गरीबों पर बोझ डालने का आरोप लगाया।
वहीं, इस दौरान भी दिग्विजय सिंह ने साफ कहा कि उमंग सिंघार का बयान गलत नहीं है।
प्रदेश में सबसे पहले आदिवासी ही थे, इसलिए उनकी पहचान और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान ने ही उन्हें अपने धर्म और परंपराओं के अनुसार जीने का अधिकार दिया है।
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