नई दिल्ली
दिवाली और छठ के आसपास दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना हर साल बड़ी चुनौती बन जाता है. इस बार भी त्योहारों से पहले रेगुलर ट्रेनों में सीटों की डिमांड ऐसी रही कि 60 दिन पहले बुकिंग खुलते ही ट्रेनें फुल हो गईं. इस रूट पर रेगुलर ट्रनों में अब तत्काल कोटे का ही सहारा है, वो भी अगर रेलवे का ऐप सही-सलामत काम करे. क्योंकि सभी ट्रेनों में या तो टिकट बुकिंग रिग्रेट (Regret) हो चुकी है या वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी है कि टिकट कंफर्म होने को कोई चांस नहीं।
ऐसे में यात्रियों के लिए रेलवे की तरफ से एक नया विकल्प सामने आ सकता है. दिल्ली से पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल चलाने की तैयारी है, जिससे त्योहारों के दौरान सफर करने वाले यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है. रेलवे ने अभी इस ट्रेन को चलाने की अंतिम मंजूरी नहीं दी है, लेकिन उत्तर रेलवे (Nothern Railway) ने प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है. मंजूरी मिलती है तो यात्रियों को दिवाली और छठ के बीच दिल्ली-पटना रूट पर तेज रफ्तार ट्रेन का विकल्प मिल सकेगा. आइए जानते हैं यह ट्रेन कब चलेगी, कहां रुकेगी और कितना किराया हो सकता है।
कब से कब तक चल सकती है ट्रेन?
प्रस्ताव के मुताबिक, दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल की सेवाएं 21 अक्टूबर से 28 नवंबर के बीच चलाने की तैयारी है. इसके लिए दो जोड़ी ट्रेनों का प्रस्ताव रखा गया है।
पहली जोड़ी 02252/02251 नई दिल्ली से 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगी. नई दिल्ली से इसके फेरे सोमवार, बुधवार और शनिवार को प्रस्तावित हैं. वहीं पटना से वापसी 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को होगी. इस जोड़ी के कुल 16 फेरे प्रस्तावित हैं।
दूसरी जोड़ी 02253/02254 पटना से 24 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलाने का प्रस्ताव है. पटना से इसके फेरे शनिवार, सोमवार और बुधवार को होंगे. वहीं नई दिल्ली से इसकी वापसी 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक रविवार, मंगलवार और गुरुवार को प्रस्तावित है।
दिल्ली-पटना 13 घंटे लेगी ट्रेन
यह ट्रेन करीब 994 किलोमीटर का सफर लगभग 13 घंटे में पूरा करेगी. प्रस्तावित समय के मुताबिक, नई दिल्ली से ट्रेन सुबह 8:35 बजे रवाना होगी. रास्ते में यह अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा में रुकेगी. इसके बाद ट्रेन रात करीब 9:30 बजे पटना पहुंचेगी।
वापसी में क्या होगी टाइमिंग?
पटना से नई दिल्ली के लिए ट्रेन सुबह 10 बजे रवाना होने का प्रस्ताव है. यह दोपहर करीब 3:35 बजे प्रयागराज पहुंचेगी और इसके बाद रात करीब 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचने का समय रखा गया है. यानी दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों को सुबह रवाना होकर रात तक पटना पहुंचने का विकल्प मिल सकता है. वापसी में भी सुबह पटना से निकलकर रात तक दिल्ली पहुंचा जा सकेगा।
कितना हो सकता है किराया?
अगर रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलती है तो एसी चेयर कार का किराया भोजन सहित करीब ₹2,575 से ₹2,600 हो सकता है. वहीं एग्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए भोजन सहित किराया करीब ₹4,650 से ₹4,680 रहने का प्रस्ताव है. यानी टिकट बुक करने से पहले यात्रियों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि उनके बजट और यात्रा के समय के हिसाब से यह विकल्प कितना सुविधाजनक बैठता है. भोजन का विकल्प टिकट बुक करते समय ही चुनना होगा. भोजन नहीं लेने पर टिकट कुछ सस्ता हो सकता है।
अभी टिकट बुक कर सकते हैं?
फिलहाल नहीं. यह ट्रेन अभी प्रस्तावित है और रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलने के बाद ही रिजर्वेशन शुरू होगा. उत्तर रेलवे के सीपीआरओ के मुताबिक, मंजूरी मिलते ही आईआरसीटीसी पर बुकिंग शुरू की जाएगी. इसलिए अगर आप दिवाली या छठ के दौरान दिल्ली से पटना जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस ट्रेन की घोषणा और बुकिंग शुरू होने पर नजर रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
त्योहारों में क्यों बढ़ जाती है ट्रेनों की मांग?
दिवाली और छठ के समय दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाते हैं. खासकर छठ के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है. इस वजह से रेगुलर ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. रेलवे भीड़ को संभालने के लिए अलग-अलग रूट पर स्पेशल ट्रेनें चलाता है. दिल्ली-पटना वंदे भारत स्पेशल भी इसी तैयारी का हिस्सा हो सकती है।
You may also like
-
कैप्टन स्मित की हालत अब भी गंभीर, खोपड़ी में फ्रैक्चर और नजर पर असर; डॉक्टर दे रहे हेवी डोज दवाएं
-
दुकानदार ने मांगे एक्स्ट्रा पैसे तो 76% लोग छोड़ देंगे UPI, सर्वे में बड़ा खुलासा
-
8वें वेतन आयोग के बीच फिर बढ़ेगा DA? केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी राहत
-
27 साल, 3 कोशिशें और हर बार अटका नाम बदलने का प्रस्ताव, अब ‘पश्चिम बंगा’ पर फिर बढ़ी हलचल
-
महाराष्ट्र में पानी का संकट गहराया, 16 अक्टूबर से शहरी इलाकों में 10% पानी कटौती
