भोपाल। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) फिर चर्चा में है। इस बार हार के बाद नहीं पहले ही इसपर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों के पहले ही कांग्रेस ने अपना EVM राग छेड़ दिया है।
दिग्विजय सिंह तो मशीन पर सवाल उठाते ही रहे हैं। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने EVM को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाथ ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने भाजपा के 300 सीटों पर जीतने पर भी हमला बोला।
कमलनाथ ने कहा कि अगर बीजेपी 300 सीटों पर जीतती है, तो केवल ईवीएम से क्यों जीतना चाहती है। क्या अमेरिका में है ईवीएम, क्या यूराेप में ईवीएम, क्या जापान है ईवीएम?
जर्मनी में तो संविधान में संशोधन किया कि ईवीएम से चुनाव नहीं होगा। हमारी मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
नाथ की जमीन खिसक चुकी -शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस पर कमलनाथ पर कड़ा प्रहार किया शर्मा ने कहा कि कमलनाथ जी जमीन नहीं होती, तो ऐसी ही बातें करते हैं। चुनाव जनता जिताती है। कोई बैलेट पेपर चुनाव जिताता है क्या? बैलेट पेपर पर वोट देने का काम जनता करती है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के साथ जनता है नहीं तो बैलेट पेपर की ही बातें करेंगे और क्या करेंगे।
आदिवासियों का भी बंटवारा
कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित सफाई कामगार प्रकोष्ठ के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कमलनाथ बीजेपी सरकार और शीर्ष नेतृत्व पर बड़ा हमला बोला है। आज धर्म के आधार पर बांटेंगे। कल समाज के आधार पर बांटेंगे। भाषा के आधार पर बांटना शुरू हो गया है। हम पढ़ रहे हैं, तमिलनाडु में यह शुरू हो गया है। बांटो-बांटो। राजनीतिक दृष्टि से बांटना शुरू करो। यह एकता तोड़ेगा। अभी जो समाज के लोग भाईचारे से रहते हैं, उनमें विवाद पैदा होगा। उनको उचकाया जाएगा।
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