बिहार में बाढ़ से करीब 50 लाख लोग प्रभावित हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने हाजीपुर, मुंगेर और भागलपुर में हालात का जायजा लिया।
बिहार में गंगा समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर से पैदा हुए बाढ़ के हालात के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कई प्रभावित जिलों का दौरा किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ उन्होंने हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हवाई सर्वेक्षण के साथ नाव और ट्रैक्टर से भी जलमग्न इलाकों का निरीक्षण किया।
शिवराज चौहान ने हाजीपुर के टेरसिया और सरायपुर सहित प्रभावित गांवों का दौरा कर डूबे हुए घरों और खेतों की स्थिति देखी। उन्होंने स्थानीय लोगों और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
इसके बाद मुंगेर और भागलपुर में राहत शिविरों तथा तटबंधों का भी निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री के दौरे का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित परिवारों और किसानों को हुए नुकसान की जमीनी स्थिति को समझना था।
दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत में चौहान ने कहा कि बिहार में आई बाढ़ से करीब 50 लाख लोग सीधे प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि कई मकानों को नुकसान पहुंचा है और पशुधन की भी हानि हुई है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है और राहत तथा बचाव के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
इसके बाद एक केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम बिहार भेजी जाएगी, जो अलग-अलग जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे करेगी।
इस आकलन में फसलों के साथ मकानों, सड़कों, पुलों और पशुधन को हुए नुकसान को भी शामिल किया जाएगा। इसके आधार पर राज्य सरकार की ओर से भेजे जाने वाले प्रस्ताव के अनुसार केंद्र से आर्थिक और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि तत्काल राहत के साथ पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में सुरक्षित आश्रय, पेयजल, सूखा राशन और भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। चौहान ने कहा कि संकट बड़ा है, लेकिन सरकार प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने किसानों की आजीविका और उनकी फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा भी दिया।
बिहार दौरे के बाद केंद्रीय मंत्री ने पटना में मुख्यमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाओं, फसल नुकसान, मुआवजे और बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
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