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Bihar Elections: इस वर्ष अंत तक बिहार में विधानसभा चुनाव होना है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का इंतज़ार राजनीतिकों के साथ पूरे देश की जनता को भी है। इसी बीच
चुनाव आयोग की 9 सदस्यीय टीम पटना पहुंच चुकी है। जिससे राजनीतिक हलकों में सरगर्मिया तेज हो गई हैं ।
कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके पहुंचने से बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों की परते खुलेंगी।
बिहार के चुनावी समर की घोषणा जल्द, चुनाव आयोग की टीम पहुंची पटना
सूत्रों के अनुसार यह टीम बिहार में आगामी चुनाव की तैयारियों का अगले तीन दिनों तक जायजा लेगी और कई जिलों में जाकर जमीनी स्थिति का भी मूल्यांकन करेगी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मंगलवार को चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव से जुड़ा एक बड़ा अपडेट साझा किया, जिसमें बिहार में चुनाव की संभावित समयसीमा
का संकेत दिया गया है। चुनाव आयोग ने घोषणा की कि वह बिहार में “मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण” शुरू करेगा तथा वोट देने वाले सभी पात्र नागरिकों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए
घर-घर जाकर इसका वेरिफिकेशन करेगा।
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को पूरा हो रहा है। चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराने को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
अक्टूबर के पहले हफ्ते में तारीखों का ऐलान
बिहार चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान अक्टूबर के पहले हफ्ते में किया जा सकता है।
पटना पहुंचने के बाद चुनाव आयोग की टीम ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्पूर्ण बैठक की है । इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के आवशयक विषयों जैसे चुनाव की तैयारी, मतदान
केंद्रों की व्यवस्था, वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की गई है।
30 सितम्बर तक मतदाता सूचि सत्यापन
कई मीडिया रिपोर्टस की माने तो बिहार में विधानसभा चुनाव की वोटिंग नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू हो सकती है। चुनाव आयोग की प्लानिंग है कि 30 सितंबर तक मतदाता सूची का सत्यापन
करा लिया जाए। विशेषज्ञ बताते है की मतदाता सूचि के सत्यापन के एकाध सप्ताह बाद चुनाव की घोषणा कर दी जाती है।
बिहार में चुनावी चौसर बिछ चुकी है। सभी सियासी दल जनता को लुभाने के लिए वादों की भरमार पेश कर रहे है
अब देखना बड़ा ही दिलचसप होगा की इस चुनावी पारे में जनता किसको स्वीकारती है।
चुनाव आयोग ने घोषित किया 4 महीने का कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार:
25 जून से 26 जुलाई 2025 तक: बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने से संबंधित आवेदन निर्धारित प्रपत्रों में स्वीकार करेंगे।
27 जुलाई से 31 जुलाई तक: प्राप्त फार्मों के आधार पर मतदाता सूची को अद्यतन किया जाएगा।
1 अगस्त 2025: इसी आधार पर मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा।
1 अगस्त से 1 सितम्बर 2025 तक: ड्राफ्ट मतदाता सूची के आधार पर दावे एवं आपत्तियां ली जाएंगी।
25 सितम्बर तक: दावे और आपत्तियों का निपटारा निर्वाचन रजिस्ट्रार अधिकारियों द्वारा किया जाएगा या उन्हें पूरा किया जाएगा।
30 सितंबर, 2025: दावे और आपत्तियों का निपटारा करने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
एक भी वोटर न छूटे
यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि कोई भी पात्र नागरिक न छूटे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
साथ ही, मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता भी लाई जा रही है।
बता दें कि बिहार के लिए अंतिम गहन पुनरीक्षण आयोग द्वारा 2003 में किया गया था।
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