Bhiwadi Fire
राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली “Bhiwadi Factory Fire” औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण विस्फोट और आग ने पूरे इलाके को दहला दिया।
औद्योगिक शहर में सुबह का मातम
राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली “Bhiwadi Factory Fire” औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण विस्फोट और आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक केमिकल यूनिट में अचानक धमाका हुआ, जिसके बाद आग ने देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया।
उस समय परिसर में दो दर्जन के करीब श्रमिक मौजूद थे। आग इतनी भयावह थी कि कई मजदूर बाहर निकलने का मौका ही नहीं पा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और कुछ ही मिनटों में आसमान में घना काला धुआं छा गया।
राहत-बचाव में देर, नुकसान ज्यादा
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रीको फायर स्टेशन की दमकल टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने में करीब डेढ़ घंटा लगा, लेकिन तब तक अंदर फंसे श्रमिकों की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। रेस्क्यू टीम जब भीतर पहुंची तो दृश्य हृदय विदारक था।
कई शव बुरी तरह झुलस चुके थे और पहचान करना मुश्किल हो गया। अवशेषों को सावधानी से एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। दो घायलों को गंभीर अवस्था में दिल्ली स्थित AIIMS Delhi रेफर किया गया है, जबकि एक अन्य के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।
Bhiwadi Factory Fire News: अवैध गतिविधियों की आशंका
Bhiwadi Factory Blast में प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि फैक्ट्री में रसायनों के साथ विस्फोटक सामग्री भी रखी गई थी। मौके से पटाखों और बारूद जैसे पदार्थों के अवशेष मिलने के बाद यह संदेह गहराया है कि यहां लाइसेंस से इतर गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
जिला प्रशासन ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और फॉरेंसिक टीम नमूने एकत्र कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि छोटे कारखानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम बात है और निरीक्षण प्रक्रिया अक्सर कागजों तक सीमित रह जाती है।
मृतकों में कुछ मजदूर बाहर के राज्यों से आए बताए जा रहे हैं, जिनके परिवार अब गहरे शोक में हैं। प्रशासन ने मुआवजे और सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि उत्पादन से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है।
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