ख़ामोश ! मुल्क में अब सवाल पूछना मना है ?
परिवारवाद’ के बावजूद कांग्रेस में इतना आंतरिक प्रजातंत्र तो है कि कोई इस तरह
परिवारवाद’ के बावजूद कांग्रेस में इतना आंतरिक प्रजातंत्र तो है कि कोई इस तरह
अरुण दीक्षित (वरिष्ठ पत्रकार ) दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर
अमेरिकी संसदीय इतिहास में पहली बार भारतीय मूल की विद्वान मां की प्रतिभावान अश्वेत
दर्जनों गर्दनें प्रशासन ने अपने दफ्तरों में सजा रखी, जब जैसी जरुरत पड़ी एक
इंदौर में भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में प्रत्याशियों की उम्र और सोशल मीडिया में
सुनील कुमार (वरिष्ठ पत्रकार ) यह तो अच्छा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने बाम्बे
अब किसान आंदोलन को तय करना होगा कि उसकी अगली ‘यात्रा’ में कितने और
भाजपा से जुड़े दीप सिद्धू ने लाल किले पर झंडा फहराने की जिम्मेदारी ली, जबकि
गणतंत्र दिवस पर लालकिले पर जो कुछ हुआ वो शर्मनाक है, इसके लिए सरकार
पंकज मुकाती शनिवार को इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल कुछ अलग रंग में दिखा। होना भी था।