आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। अजय राय ने फैसले का स्वागत करते हुए राहुल गांधी के साथ बने रहने की बात कही।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। कांग्रेस ने रामपुर खास से विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अजय राय की जगह ली है।
इसके साथ ही सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। दोनों नियुक्तियां 2 अक्टूबर 2026 से प्रभावी की गई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद अजय राय ने पार्टी नेतृत्व के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। वाराणसी स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने आराधना मिश्रा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
अजय राय ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का फैसला उन्हें स्वीकार है और राजनीति में पद आते-जाते रहते हैं। उन्होंने संगठन के लिए काम जारी रखने की बात कही।
अजय राय ने राहुल गांधी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वह “मरते दम तक राहुल गांधी का साथ नहीं छोड़ूंगा।” उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मान को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
अजय राय के मुताबिक, उनके कार्यकाल में कार्यकर्ताओं के बीच यह भरोसा बनाने की कोशिश रही कि अन्याय या परेशानी की स्थिति में प्रदेश अध्यक्ष उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आराधना मिश्रा भी कार्यकर्ताओं के सम्मान और हितों को प्राथमिकता देंगी।
अजय राय ने बताया कि उनकी राहुल गांधी से बातचीत भी हुई है। उनके मुताबिक, बातचीत में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आभार जताया।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रह चुकी हैं और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता भी रही हैं। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने इसी बदलाव के तहत इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी है।
अजय राय ने यह भी कहा कि पार्टी उन्हें जहां भी जिम्मेदारी देगी, वह उसे पूरी ताकत से निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह संगठन के फैसले को स्वीकार करते हैं और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे।
इस बीच, आराधना मिश्रा के सामने प्रदेश संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव की तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी होगी।
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