दुर्ग.
जिले में फिर अवैध कीटनाशक निर्माण का मामला पकड़ में आया आया है। कृषि विभाग की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में अवैध कीटनाशक निर्माण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महीने भर पहले ग्राम अमलेश्वर में भी करोड़ों के कीटनाशक का अवैध भंडारण पकड़ा गया था इसमें अवैध निर्माण की आशंका को लेकर विभाग ने मामले में नोटिस भी जारी किया था।
उपसंचालक कृषि संदीप कोई के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिना स्रोत लाइसेंस के एक कृषि केन्द्र में कीटनाशकों का विक्रय करना पाया था। इस पर उक्त कीटनाशक कहां से क्रय किया इसका पता लगाने विभाग की टीम लगाई तो पता चला निर्माणकर्ता इसकी रायपुर से विक्रय कर बिल में डोंगरगढ़ से मार्केटिंग करने का उल्लेख था। बाद में विभाग ने तह तक जाकर जांच की तो पता चला उक्त कीटनाशक का अवैध रूप से निर्माण गंजपारा दुर्ग में किया जा रहा है।
कृषि विभाग की टीम द्वारा मामले में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यहां यह बताना लाजिमी है पूर्व में भी विभाग की काईवाई रायपुर नाका क्षेत्र अवैध कीटनाशक निर्माण को लेकर कार्रवाई हुई थी। वहीं 8 एवं 9 अगस्त को पाटन विकासखंड के ग्राम अमलेश्वर में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के कीटनाशकों एवं जैव उत्प्रेरकों के अवैध भंडारण और विक्रय का मामला पकड़ा था।
दो दिनों तक चली कार्रवाई में दो कंपनियों के अलग- अलग गोदामों से 50 से अधिक प्रकार के करीब 9 हजार 50 लीटर कीटनाशक तथा 4 हजार 56 किलो जैव उत्प्रेरक एवं संबंधित सामग्री जब्त की गई थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवसान तिथि के बाद की सामग्री, खाली कंटेनर, इस्तेमाल किए गए बोरे और 34 बोरी खाली रैपर भी बरामद हुए थे। उपसंचालक कृषि का कहना कि विभाग की टीम लगातार जांच की कार्रवाई कर रही है।
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