इंदौर। पेरोल पर बाहर आया आसाराम फिर अपराध कर रहा है। इस बार वह कोर्ट को ठेंगा दिखा रहा है। कोर्ट को ठेंगा दिखाकर प्रवचन कर रहा। समर्थकों से मिल रहा। आश्रम में दरबार लगा हुआ है। कोर्ट ने जमानत की शर्तों में स्पष्ट लिखा है कि अनुयायियों से नहीं मिलेगा। प्रवचन भी नहीं करेगा। पर दोनों ही काम धड़ल्ले से चल रहे हैं।
नाबालिग और महिला से बलात्कार के जुर्म में सजा काट रहा आसाराम जमानत के बाद इंदौर पहुंचा है। इंदौर आश्रम में आसाराम का प्रवचन सुनने एक हजार से ज्यादा लोग जुट रहे हैं। इससे पहले पालनपुर (गुजरात) में वह सामूहिक रूप से भक्तों से मुलाकात करता नजर आया था।
सूत्रों के मुताबिक दोपहर दो बजे बाद आश्रम में भक्तों की भीड़ बढ़ती है। इस दौरान गार्डों ने आश्रम से लगभग 300 मीटर पहले ही लोगों के मोबाइल फोन बंद करवा देते हैं और प्रवेश से पहले मोबाइल और स्मार्ट वॉच जमा करा ली जाती है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक शाम करीब 6 बजे, रिपोर्टर ने अपना मोबाइल जमा कर आश्रम के भीतर प्रवेश किया।
वहां टीन शेड के नीचे, जिसे पूरी तरह सफेद चादर से ढका गया था, एक हजार से ज्यादा लोग बैठकर आसाराम का प्रवचन सुन रहे थे। प्रवचन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। एक पुलिस जवान आसाराम के बाईं ओर और एक सीआरपीएफ की ड्रेस में जवान दाईं ओर तैनात था। प्रवचन की बाकायदा दो कैमरों से रिकॉर्डिंग भी की जा रही थी।
जब आसाराम प्रवचन दे रहा था, तब उसके सेवक वहां मौजूद समर्थकों के बीच जाकर लोभान और गुगल की धूनी दे रहे थे। प्रवचन के दौरान आसाराम ने अपने समर्थकों से कहा-परोपकार, श्रद्धा, समता और विश्वास से हर कार्य संभव है। श्रद्धा और विश्वास के बिना मनुष्य जीवन भी नहीं जी सकता।
You may also like
-
‘वंदे मातरम’ पहले, फिर ‘जन गण मन’: केंद्र की नई गाइडलाइन जारी
-
रतलाम नगर निगम में डॉग नसबंदी घोटाला: लोकायुक्त जांच में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप
-
बजट 2026-27 पर सवाल: बढ़ती असमानता, सीमित खर्च और उलझी आर्थिक दिशा
-
चीन की नीतियों के सबसे साहसी आलोचक हांगकांग के मीडिया मुग़ल को 20 साल की कैद
-
बजट सत्र में सियासी संग्राम: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सदन बार-बार स्थगित
