नई दिल्ली
SIR के तहत रविवार को लोगों की मदद के लिए स्पेशल कैंप लगाया गया। सभी 14,947 पोलिंग स्टेशन पर कैंप लगाए गए थे। सुबह 10 बजे से लगे कैंप में बीएलओ का सर्वर डाउन होने से लोगों के काम नहीं हो पाए। इससे लंबा इंतज़ार करना पड़ा। अधिकतर लोग नाम में करेक्शन के नोटिस जारी होने के बाद पहुंचे थे।
तुर्कमान गेट के पोलिंग स्टेशन बुलबुल खाना में अधिकतर वोटर और उनके रिश्तेदार नाम में करेक्शन के लिए जारी नोटिस से जुड़ी समस्या लेकर आए थे। यहां सुईवालान के अधिकतर वोटर थे। एक वोटर का नाम पहले मोहम्मद अली था, बाद में शराफ़त अली दर्ज हो गया। वह करेक्शन के लिए आवेदन देने आए थे। जबकि एक वोटर का नाम नसरीन खानम था। शादी के बाद उनका नाम नसरीन तकी हो गया। लास्ट SIR से मैपिंग तो हो गई, लेकिन नाम में करेक्शन के लिए नोटिस किया गया।
6 से ज्यादा भाई-बहनों वाले मामलों में भी नोटिस, दस्तावेज जुटाने में परेशानी
- यहां मौजूद बीएलओ जौहर सुल्ताना ने बताया कि कई मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें 6 से ज्यादा भाई-बहन हैं।
- उनकी उम्र के डिफरेंस के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिनकी उम्र के बीच S महीने या उससे कम का अंतर है, उन्हें नोटिस दिया गया है।
- डॉक्यूमेंट्स मांगे जा रहे हैं। उन्हें काफी परेशानी हो रही है। जौहर ने बताया कि नोटिस जारी होने वालों की सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई है, लेकिन बहुत लोगों को जानकारी नहीं है।
- कई को पता चला है कि उन्हें नोटिस जारी किया गया है और वे चक्कर काट रहे हैं।
- अब पहले के पोलिंग स्टेशन भी बदल गए हैं। हालांकि, हमारे पास जो जानकारी है, उससे हम मदद कर रहे हैं।
- जौहर ने कहा कि कई बार इंटरनेट में नेटवर्क की समस्या हो जाती है। इसलिए वाई-फाई की सुविधा दी जानी चाहिए।
पहाड़गंज में 168 नोटिस, नाम की स्पेलिंग सुधारने के लिए पहुंचे वोटर
पहाड़गंज के पोलिंग स्टेशन मुल्तानी ढांडा में 168 नोटिस जारी किए गए हैं। यहां की बीएलओ पूनम ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक 45 से 50 के करीब लोग आए हैं। ज्यादातर को नाम करेक्शन के मामले में नोटिस जारी हुआ है। यहां आए वोटर राजेश वाधवा ने बताया कि नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ थी। उनका बूथ भी बदल गया है। जानकारी लेने और डॉक्यूमेंट्स देने पहुंचे थे।
27 सितंबर को लगेगा कैंप
दिल्ली चुनाव आयोग की ओर से सभी पोलिंग स्टेशन पर अब 27 सितंबर को स्पेशल कैंप लगाया जाएगा। इसमें नोटिस और परेशानियों का निस्तारण किया जाएगा। जारी ड्राफ्ट रोल में करीब 97 लाख लोगों के नाम हैं। दिल्ली चुनाव आयोग ने बताया कि इनमें करीब 33 लाख को नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा करीब 1.5 करोड़ लोगों में से अब तक 47 लाख लोगों को एब्सेंट, शिफ्ट, डेथ और डुप्लिकेट की सूची में डाला गया है।
नोटिस को लेकर CEO ने दिया जवाब
SIR को लेकर वीआईपी और अन्य चिन्हित वोटर्स को नोटिस जारी किए जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने कहा है कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित वोटर का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा। CEO के अनुसार, 31 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटर्स को पुराने इंटेंसिव रिवीजन की लिस्ट से लिंक किए जाने के आधार पर देखा गया है। जिन वोटर्स का पुराने रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाया या उनके द्वारा दी गई जानकारी में कई तरह की कमियां हैं, उन्हें सिस्टम के जरिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस वाले वोटर्स को ERO या BLO के पास अपना जवाब और डॉक्यूमेंट्स जमा करने का मौका मिलेगा।
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