नरेंद्र मोदी के जन्म, शिक्षा, RSS से जुड़ाव, BJP में राजनीतिक सफर, गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने तक की संक्षिप्त कहानी जानिए।
नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। आजादी के बाद जन्म लेने वाले वे भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। उनका शुरुआती जीवन एक सामान्य परिवार में बीता। वडनगर में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान में उच्च शिक्षा हासिल की। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मोदी ने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए किया है।
नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS से जुड़ने के साथ हुई। वे अहमदाबाद पहुंचे और वर्ष 1972 में RSS के प्रचारक बने। संगठन में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और संगठन संचालन का अनुभव हासिल किया।
आपातकाल के दौर में भी उन्होंने लोकतंत्र की बहाली से जुड़े आंदोलन में भाग लिया। यही दौर उनके राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन की दिशा तय करने वाला साबित हुआ।
वर्ष 1987 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के साथ सक्रिय राजनीतिक भूमिका शुरू की। संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। उनके शुरुआती कार्यकाल में BJP ने अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में पहली बार जीत दर्ज की।
इसके बाद राज्य की राजनीति में पार्टी का आधार मजबूत करने में उन्होंने महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिका निभाई। 1995 में उन्हें BJP का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और बाद में वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन की जिम्मेदारी तक पहुंचे।
सितंबर 2001 में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने। करीब 13 वर्षों तक उन्होंने राज्य की राजनीति में मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया। उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की शुरुआत 2001 के भुज भूकंप के बाद हुई और फरवरी 2002 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा।
इसी कार्यकाल के शुरुआती दौर में 2002 के गुजरात दंगे भी हुए, जो उनके राजनीतिक जीवन का सबसे अधिक चर्चा और विवाद वाला अध्याय रहा। इसके बाद वे लगातार तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।
2014 में नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंचे। 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने दूसरा कार्यकाल संभाला। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 9 जून 2024 को उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह वे लगातार तीन कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बनने वाले जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे ऐसे नेता हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और जीएसटी जैसे प्रमुख कार्यक्रम और फैसले चर्चा में रहे। उनकी सरकार के दौरान अनुच्छेद 370 में बदलाव और अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन भी राष्ट्रीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रहे। विदेश नीति के स्तर पर भी मोदी सरकार के दौरान कई देशों के साथ भारत के संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका को लेकर लगातार गतिविधियां देखने को मिली हैं।
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