कौन हैं कैरोलिना लेविट, जिन्होंने ट्रंप प्रशासन छोड़ने का किया ऐलान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिना लेविट ने अगस्त 2026 के अंत में अपने पद से हटने का ऐलान किया है। लेविट ने अपने फैसले के पीछे परिवार को ज्यादा समय देने की इच्छा बताई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके फैसले का समर्थन किया है और कहा है कि वह आगे भी उनकी करीबी बाहरी सलाहकार के तौर पर जुड़ी रहेंगी।
कैरोलिना लेविट ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के तौर पर काम करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने ट्रंप के साथ काम करने, वेस्ट विंग में जिम्मेदारी संभालने और देश-विदेश में राष्ट्रपति के साथ यात्रा करने को अपने राजनीतिक करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह राजनीति से दूर नहीं जा रही हैं और रिपब्लिकन पार्टी के साथ उनका जुड़ाव बना रहेगा।
लेविट का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राजनीति में मध्यावधि चुनावों की तैयारी तेज हो रही है। ट्रंप ने उन्हें अपनी भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल बताते हुए कहा है कि वह आगे भी उनकी सलाहकार बनी रहेंगी।
फिलहाल उनके स्थान पर अगला व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कौन होगा, इसका ऐलान नहीं किया गया है।
कैरोलिना लेविट को खास पहचान इसलिए भी मिली क्योंकि वह व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव बनने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति हैं। जनवरी 2025 में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय उनकी उम्र 27 वर्ष थी।
इससे पहले वह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के अभियान की राष्ट्रीय प्रेस सचिव के तौर पर काम कर चुकी थीं।
लेविट का जन्म 24 अगस्त 1997 को न्यू हैम्पशायर के एटकिंसन में हुआ था। उन्होंने सेंट एंसलम कॉलेज से कम्युनिकेशन की पढ़ाई की और पॉलिटिकल साइंस में भी अध्ययन किया। राजनीति और मीडिया में उनकी दिलचस्पी कॉलेज के दिनों से ही दिखाई देने लगी थी।
पढ़ाई के दौरान उन्होंने ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े काम में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
राजनीतिक करियर की शुरुआत में ही लेविट का संपर्क ट्रंप प्रशासन से हो गया था। 2017 में वह ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस के प्रेस ऑफिस में इंटर्न के तौर पर जुड़ी थीं। इसके बाद उन्होंने रिपब्लिकन सांसद एलिस स्टेफनिक के साथ कम्युनिकेशन डायरेक्टर के तौर पर काम किया।
2020 में उन्होंने न्यू हैम्पशायर से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ने की कोशिश की, लेकिन रिपब्लिकन प्राइमरी में जीत हासिल नहीं कर सकीं। 2022 में उन्होंने फिर कांग्रेस चुनाव लड़ा, लेकिन डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के हाथों हार गईं।
2024 के राष्ट्रपति चुनाव में लेविट ट्रंप अभियान की प्रमुख मीडिया आवाजों में शामिल रहीं। चुनाव में ट्रंप की जीत के बाद उन्हें व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव की जिम्मेदारी दी गई। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वह ट्रंप प्रशासन की नीतियों का मजबूती से बचाव करती नजर आईं और मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देने के लिए जानी गईं।
ट्रंप और लेविट के बीच राजनीतिक भरोसे का रिश्ता भी काफी मजबूत माना जाता है। ट्रंप ने उनकी संवाद क्षमता की कई बार तारीफ की है। उनके इस्तीफे की घोषणा के बाद भी ट्रंप ने उन्हें प्रशासन से पूरी तरह दूर नहीं किया है, बल्कि बाहरी सलाहकार के रूप में उनकी भूमिका जारी रखने की बात कही है।
कैरोलिना लेविट की निजी जिंदगी भी पिछले कुछ वर्षों में चर्चा में रही है। उन्होंने रियल एस्टेट कारोबारी निकोलस रिकियो से शादी की है, जो उनसे करीब 32 साल बड़े हैं। दोनों की शादी जनवरी 2025 में हुई थी। दंपती के अब दो बच्चे हैं। लेविट ने परिवार को ज्यादा समय देने को पद छोड़ने के फैसले की प्रमुख वजह बताया है।
लेविट के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की नौकरी बेहद व्यस्त मानी जाती है। लगातार प्रेस ब्रीफिंग, मीडिया से बातचीत, राष्ट्रपति की नीतियों का बचाव और देश-विदेश की राजनीतिक गतिविधियों के बीच इस पद की जिम्मेदारियां काफी demanding होती हैं।
हाल ही में दूसरी संतान के जन्म के बाद वह कुछ समय के लिए काम से दूर भी रही थीं और फिर व्हाइट हाउस लौटी थीं।
अब अगस्त के अंत में कैरोलिना लेविट आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की जिम्मेदारी छोड़ देंगी। हालांकि ट्रंप के साथ उनका राजनीतिक रिश्ता खत्म नहीं होगा।
वह रिपब्लिकन राजनीति में सक्रिय रहने के साथ ट्रंप की बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करती रहेंगी। ऐसे में उनका पद छोड़ना ट्रंप प्रशासन से पूरी विदाई नहीं, बल्कि उनकी भूमिका में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
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