रेप केस में उम्रकैद काट रहे प्रज्वल रेवन्ना से जेल में फोन बरामद, मिले 90 अश्लील विडियो!
बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की जेल में की गई छापेमारी के दौरान उनके पास से एक मोबाइल फोन बरामद होने के बाद मामले में नई FIR दर्ज की गई है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, फोन की शुरुआती जांच में करीब 90 अश्लील वीडियो डाउनलोड किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन वीडियो की पूरी प्रकृति, उनका स्रोत और किसी आपराधिक मामले से उनका संबंध अभी जांच का विषय है।
रिपोर्टों के मुताबिक, CCB ने मंगलवार को बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया था। करीब 100 अधिकारियों की टीम ने जेल के अलग-अलग हिस्सों में जांच की। इसी दौरान प्रज्वल रेवन्ना के पास से एक Redmi 5G स्मार्टफोन, चार्जर, पेन ड्राइव और एक नोटपैड बरामद होने की बात सामने आई।
फोन में WhatsApp, Instagram, Facebook, Netflix और Amazon Prime जैसे ऐप भी मौजूद थे और इनमें से कई ऐप पासवर्ड से सुरक्षित थे। जांच में यह भी सामने आया कि फोन का इस्तेमाल परिवार और वकीलों से संपर्क के लिए किया जा रहा था।
बरामद मोबाइल फोन को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांचकर्ता फोन में मौजूद वीडियो, तस्वीरों, चैट और दूसरे डिजिटल डेटा की पड़ताल कर रहे हैं। खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा, इसे किसने उपलब्ध कराया और इसमें मौजूद सामग्री का स्रोत क्या है।
पुलिस यह भी देख रही है कि फोन में मौजूद किसी डिजिटल सामग्री का संबंध प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ चल रहे मामलों से है या नहीं।
इस मामले में जेल में बंद एक अन्य कैदी प्रताप राय को भी आरोपी बनाया गया है। जेल में प्रतिबंधित मोबाइल फोन पहुंचने को लेकर जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जेल के एक असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को निलंबित किया गया है, जबकि जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच टीम CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की भी जांच कर रही है।
प्रज्वल रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद हैं और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते तथा कर्नाटक के पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान हासन सीट से उनके खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े आरोप सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। बाद में उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। 2024 में सामने आए आपत्तिजनक वीडियो के मामले ने भी राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी।
प्रज्वल रेवन्ना को 31 मई 2024 को जर्मनी से भारत लौटने के बाद गिरफ्तार किया गया था। वह उस समय विदेश चले गए थे, जब उनके खिलाफ यौन अपराधों के आरोप और आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक होने लगे थे। इसके बाद कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम यानी SIT ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच की।
अगस्त 2025 में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को एक घरेलू कामगार से रेप के मामले में दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने उन पर कुल 11.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसमें 11.25 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया गया। अदालत के फैसले के मुताबिक यह मामला उनके परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली महिला से जुड़ा था।
अदालत ने प्रज्वल को भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। फैसले में रेप की धाराओं के साथ यौन उत्पीड़न, महिला की निजता का उल्लंघन, आपराधिक धमकी और सबूत मिटाने से संबंधित अपराध भी शामिल थे।
अदालत ने यह भी माना कि मामले में पेश किए गए डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत महत्वपूर्ण थे।
प्रज्वल के खिलाफ दर्ज दूसरे मामलों की कानूनी प्रक्रिया भी अलग-अलग स्तर पर चलती रही है। 2025 में अदालत के सामने एक पूर्व ड्राइवर ने गवाही देते हुए दावा किया था कि उसने प्रज्वल के मोबाइल फोन में 2,000 से ज्यादा आपत्तिजनक तस्वीरें और करीब 40-50 वीडियो देखे थे।
यह जानकारी उस पुराने मामले की जांच और सुनवाई का हिस्सा थी और इसे जेल से बरामद किए गए नए फोन में मिले कथित 90 वीडियो से अलग समझना जरूरी है।
2024 में सामने आए वीडियो को लेकर भी कर्नाटक में काफी विवाद हुआ था। जांच के दौरान वीडियो की वास्तविकता और उनके स्रोत को लेकर फोरेंसिक जांच की गई थी।
बाद में जिस रेप मामले में प्रज्वल को दोषी ठहराया गया, उसमें अदालत के सामने वीडियो, आवाज के नमूने, DNA रिपोर्ट और दूसरे वैज्ञानिक सबूत पेश किए गए थे। अदालत ने इन सबूतों को दोषसिद्धि में महत्वपूर्ण माना।
अब जेल से बरामद मोबाइल फोन ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हाई-सिक्योरिटी जेल के अंदर प्रतिबंधित स्मार्टफोन पहुंचा कैसे और उसका इस्तेमाल कितने समय से हो रहा था। जांच एजेंसियां फोन की डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट और जेल से जुड़े दूसरे सबूतों के आधार पर इस पूरी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही हैं।
प्रज्वल रेवन्ना का मामला पहले से ही कर्नाटक के सबसे चर्चित यौन अपराध मामलों में शामिल रहा है। अब जेल में मोबाइल फोन मिलने और उसमें कथित तौर पर 90 अश्लील वीडियो पाए जाने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस फोन और उसमें मौजूद डिजिटल सामग्री के पीछे पूरी कहानी क्या है।
