PM आवास के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता हिरासत में
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास के निकट विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें बस के जरिए वहां से लेकर गई। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस सांसदों और अन्य नेताओं को भी मौके से हटाया गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया।
विपक्षी दल पिछले करीब तीन घंटे से प्रधानमंत्री आवास के पिछले गेट के पास धरने पर बैठे थे। उनका आरोप था कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके विरोध में वे प्रधानमंत्री से जवाब मांगने पहुंचे थे।
सरकार और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत
धरनास्थल पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन विपक्षी नेताओं से बातचीत करने पहुंचे। जितेंद्र सिंह के अनुसार, उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे धरना समाप्त करें क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं है और इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।
केंद्रीय मंत्री का दावा है कि राहुल गांधी ने शुरुआत में संसद में NEET और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग रखी। सरकार की ओर से चर्चा के लिए सहमति मिलने के बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जोड़ दी। सरकार का कहना है कि इसके बाद बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
राहुल गांधी का आरोप
धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री से छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाब मांगने जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार न तो जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराना चाहती है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से इस्तीफे की भी मांग की।
विपक्ष का पक्ष
विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनका प्रदर्शन छात्रों के समर्थन में था। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि संसद में उन्हें इस मुद्दे पर अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। इसी वजह से विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री आवास के सामने विरोध दर्ज कराने पहुंचे।
हिरासत में लिए जाने के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है तो छात्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राजनीतिक माहौल गरम
NEET परीक्षा और छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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