CJP vs Govt: CJP ने जेपी नड्डा को सौंपा ‘मांग पत्र’, जानिए चिट्ठी में शिक्षा मंत्री और सोनम वांगचुक को लेकर क्या लिखा है!

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CJP vs Govt: CJP ने जेपी नड्डा को सौंपा ‘मांग पत्र’, जानिए चिट्ठी में शिक्षा मंत्री और सोनम वांगचुक को लेकर क्या लिखा है!

NEET-UG 2026 पेपर लीक और देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने अब केंद्र सरकार की धड़कनें बढ़ा दी हैं। 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर निकले ‘संसद मार्च’ के दौरान हुए भारी हंगामे, पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के एक्शन के बाद आखिरकार सरकार को बातचीत की मेज पर आना पड़ा। शाम को CJP के प्रवक्ताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की।

इस अहम और मैराथन बैठक के दौरान CJP नेताओं ने केंद्रीय मंत्री को एक औपचारिक लिखित ज्ञापन (मांग पत्र) सौंपा। इस मांग पत्र ने अब देश की राजनीति और छात्र आंदोलन में एक नया मोड़ ला दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि CJP ने इस ज्ञापन में क्या लिखा है और सरकार के सामने कौन-कौन सी मुख्य शर्तें रखी हैं।

CJP के ज्ञापन की 3 सबसे प्रमुख मांगें

CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा को जो पत्र सौंपा है, उसमें सरकार के सामने 3 बड़ी शर्तें रखी गई हैं:

सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए

पिछले 23 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस जबरन जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। CJP ने मांग रखी है कि अस्पताल में वांगचुक पर लगाई गई तमाम अवैध पाबंदियों को हटाया जाए और उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो

NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक और पूरी व्यवस्था में आई धांधली की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तुरंत हटाने या उनसे इस्तीफा लेने की सख्त मांग उठाई है।

पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा

NEET UG 2026 पेपर लीक से निराश और हताश होकर जिन अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर आत्महत्या की है, उनके परिवारों के प्रति सरकार की जवाबदेही तय की जाए और पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

‘किसने किसे बुलाया?’ वार्ता को लेकर आमने-सामने दावे

इस मुलाकात के बाद सरकार और CJP दोनों की ओर से अलग-अलग बयान और दावे सामने आए हैं

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का पक्ष

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया X (ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत करने का प्रस्ताव आया था। वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें पहले मौखिक चर्चा हुई और फिर शाम 4 बजे लिखित ज्ञापन दिया गया। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर शांति बहाल करने की अपील की है।

CJP का पलटवार

दूसरी तरफ, CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार के दावे का खंडन करते हुए कहा कि सरकार ने स्वयं उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। वे दोपहर 12 बजे से मंत्री के आवास पर मौजूद थे और उन्होंने अपनी तमाम मांगें स्पष्ट रूप से रख दी हैं। मंत्री ने उचित स्तर पर चर्चा का आश्वासन तो दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस वादा नहीं किया है। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

एक महीने से जारी है युवाओं का संग्राम

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के खिलाफ CJP पिछले एक महीने से लगातार जंतर-मंतर पर डटी हुई है। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और 20 जुलाई को हुए ‘संसद मार्च’ ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया है। संसद के बाहर हुए पुलिस एक्शन के बाद सरकार पर भारी राजनीतिक दबाव बन गया है, जिसके चलते प्रशासन और मंत्रियों को बातचीत के रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं

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