नैवेद्य पुरोहित #politicswala Special
उत्तर कोलकाता का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले काशीपुर-बेलगाछिया में सियासी पारा अपने चरम पर है। इस औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र की गलियों में ‘परिवर्तन’ और ‘विरासत’ के बीच का द्वंद्व साफ़ दिखाई देने लगा है। पश्चिम बंगाल में आज पहले चरण का मतदान होना है और भाजपा ने यहाँ अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
अतिन घोष: टीएमसी का ‘अजेय’ संगठनकर्ता
तृणमूल कांग्रेस ने यहाँ से अपने सबसे भरोसेमंद चेहरे अतिन घोष को मैदान में उतारा है। अतिन बाबू का कद इस क्षेत्र में केवल एक विधायक का नहीं है, वे कोलकाता के डिप्टी मेयर भी हैं और लंबे समय से पार्षद भी रहे हैं। जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ और नगर निगम के प्रशासनिक अनुभवों ने उन्हें एक कद्दावर नेता के रूप में स्थापित किया है। टीएमसी उन्हें ‘माटी का लाल’ और विकास का पर्याय बताकर वोट मांग रही है।
रितेश तिवारी: भाजपा का ‘युवा और मुखर’ चेहरा
भाजपा ने रितेश तिवारी को मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। रितेश तिवारी पार्टी के एक मुखर नेता हैं और उन्हें केंद्रीय नेतृत्व का पूरा समर्थन प्राप्त है। आज 23 अप्रैल को 4बी बस स्टैंड पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में होने वाली मेगा रैली इसका प्रमाण है। भाजपा यहाँ ‘भूमिपुत्र’ का कार्ड खेल रही है और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर टीएमसी को घेर रही है।
सियासी संग्राम: ‘एक अकेली नारी’ बनाम ‘दिल्ली की ताकत’
पूरे पश्चिम बंगाल में चर्चा एक ही है कि जहाँ एक तरफ भाजपा ने प्रधानमंत्री, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की पूरी फौज उतार दी है वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी ‘एक अकेली महिला’ के रूप में इस पूरे चक्रव्यूह से भिड़ रही हैं। बंगाल की जनता इस ‘शक्ति संतुलन’ को बहुत बारीकी से देख रही है।
चकाचौंध के पीछे की ‘ज़मीनी हकीकत’
रैलियों और झंडों के पीछे काशीपुर-बेलगाछिया की अपनी कुछ बुनियादी समस्याएं हैं। यहाँ के कई इलाकों में अभी भी ड्रेनेज और साफ़ पीने के पानी की समस्या विकराल है। कभी जूट और अन्य उद्योगों के लिए मशहूर यह इलाका अब रोजगार की तलाश में है। युवाओं का कहना है कि उन्हें केवल वादे नहीं, पक्की नौकरियां चाहिए। बीटी रोड और आसपास की संकरी गलियों में ट्रैफिक जाम और बढ़ता प्रदूषण यहाँ के स्थानीय निवासियों की रोज़मर्रा की सबसे बड़ी मुसीबत है।
विरासत बचेगी या बदलाव आएगा?
अतिन घोष के पास प्रशासनिक अनुभव और पुरानी साख है तो रितेश तिवारी के पास भाजपा का राष्ट्रीय विजन और परिवर्तन की मांग करने वाले युवाओं का समर्थन। काशीपुर-बेलगाछिया का मतदाता आज खामोश है लेकिन कल होने वाले मतदान में उसकी उंगली जिस बटन पर दबेगी वह इस क्षेत्र के अगली 5 साल की तकदीर लिखेगा।
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