बजट सत्र में सियासी संग्राम: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सदन बार-बार स्थगित
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान सियासी टकराव और तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सभी दलों केर 120 सांसदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों ने इस प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं
विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा और विपक्षी सांसदों की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। इसी मुद्दे पर सोमवार को भी लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला।
विपक्षी खेमे के भीतर हालांकि इस कदम को लेकर पूरी तरह एकराय नहीं दिखी। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रस्ताव के समय को लेकर आपत्ति जताई और सुझाव दिया कि अध्यक्ष ओम बिरला को विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए कम से कम सात दिन का समय दिया जाना चाहिए।
Rahul Gandhi की मांग है कि उन्हें केंद्रीय बजट पर बोलने दिया जाए
बावजूद इसके, इंडिया गठबंधन से जुड़े अधिकांश दल अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि सदन की कार्यवाही के दौरान बार-बार विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है, जो संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
इसी बीच बजट चर्चा को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बना रहा। नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi की मांग है कि उन्हें केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले सदन में बोलने की अनुमति दी जाए।
इस मांग को लेकर दोनों पक्षों में सहमति न बन पाने के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक ही दिन में तीन बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर दो बजे सदन दोबारा शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद हंगामे के चलते कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस दौरान अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा सांसद संध्या राय ने संभाली
संभाल इस दौरान अध्यक्ष की कुर्सी संभाल रहीं सदस्य संध्या राय ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर से बजट पर चर्चा शुरू करने को कहा, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा।
विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के हालिया बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने विपक्षी सदस्यों के आचरण पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस की करूर से सांसद एस. जोथिमणि ने इस बयान को “बिना आधार, गलत और अपमानजनक” बताया।
उन्होंने कहा कि कई महिला सांसद कठिन परिस्थितियों से निकलकर संसद तक पहुंची हैं और उनके संघर्ष को नजरअंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जोथिमणि के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ सांसदों ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
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