गरोठ में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, करोड़ों की खेप और केमिकल जब्त
मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंथेटिक ड्रग एमडी (MDMA) बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने 12 किलो 610 ग्राम केमिकल मिश्रण, 102 ग्राम तैयार एमडी ड्रग और ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई सामग्री व केमिकल जब्त किए हैं।
जब्त सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई गई है। पूरे मामले का खुलासा रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल और मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा ने गरोठ थाने में किया।
मुखबिर सूचना पर खेत-कुएं में दबिश
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गरोठ थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश मालवीय और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सुरजना में खेत के एक कुएं के पास एमडी ड्रग बनाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत योजना बनाकर मौके पर दबिश दी।
पुलिस जब वहां पहुंची तो दो युवक मौके पर एमडी बनाने की प्रक्रिया में लगे मिले। एक स्टील के घड़े में तीव्र गंध वाला केमिकल मिश्रण रखा था, जिसे छाछ बनाने की मशीन की मदद से मिक्स किया जा रहा था।
मौके पर गैस सिलेंडर, चूल्हा-भट्टी और अन्य सामान भी मौजूद थे, जिससे साफ था कि यहां लंबे समय से अवैध गतिविधि चल रही थी।
दो आरोपी मौके से गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उनसे पूछताछ की। आरोपियों ने अपने नाम दीपक पिता राधेश्याम सिकलीगर (उम्र 32 वर्ष) और सुमित पिता राजाराम सिकलीगर (उम्र 19 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम सुरजना, बताए।
पूछताछ के बाद मौके पर ही वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके बाद थाना गरोठ में अपराध क्रमांक 50/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, 22, 29 और 30 में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी लंबे समय से एमडी ड्रग बनाने के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं और आगे की पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
करोड़ों की ड्रग्स और सामग्री जब्त
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में केमिकल, ड्रग्स और उपकरण जब्त किए हैं।
इनमें 102 ग्राम अवैध एमडी ड्रग, 12 किलो 610 ग्राम केमिकल मिश्रण, 3 किलो 540 ग्राम पारदर्शी तरल पदार्थ, 680 ग्राम सफेद केमिकल पाउडर, गैस सिलेंडर, सेंट्रीफ्यूज मशीन, चूल्हा-भट्टी, स्टील के बर्तन, बिजली का तार, अर्थिंग के लिए लोहे का सरिया और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इतनी मात्रा में केमिकल और उपकरण मिलने से यह साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर ड्रग बनाने की तैयारी थी, जिसका असर युवाओं और समाज पर बेहद घातक हो सकता था।
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नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि केमिकल कहां से लाए गए, तैयार ड्रग्स कहां सप्लाई की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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