बरेली में मस्जिद पर चला बुलडोजर, कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण किया गया ध्वस्त
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के पिपरिया गांव भोजीपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को प्रशासन ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से बने धार्मिक स्थल यानी मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
यह कदम इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उठाया गया था, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और भारी पुलिस बल तैनात रहा।
घटना के मुताबिक, यह मस्जिद करीब 300 वर्ग गज जमीन में बनी हुई थी, जिस पर पहले से ही विवाद चल रहा था। ग्राम सभा और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि सरकारी जमीन में दर्ज है और किसी भी तरह का कब्जा गलत है।
विवाद के चलते मामला तहसीलदार कोर्ट और सिविल कोर्ट तक पहुंचा था। तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही इस निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश दिए थे, लेकिन मस्जिद पक्ष द्वारा न्यायिक प्रक्रिया जारी रखने के बावजूद राहत नहीं मिल पाई। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करनी अनिवार्य समझी।
शनिवार सुबह ही भारी पुलिस फोर्स और पीएसी के जवानों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और दो बुलडोजरों की सहायता से मस्जिद को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान गांव में अफरातफरी का माहौल रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसलिए यह कदम उठाया गया है। निशान के बावजूद कई नोटिस दिए गए थे, लेकिन अतिक्रमण को हटाया नहीं गया।
मस्जिद के मुताविल्ली ने कहा कि मस्जिद लंबे समय से वहीं मौजूद थी और आज ध्वस्तीकरण के आदेश की प्रतियों को उन्हें ठीक से नहीं दिखाया गया। वहीं प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई कानून के मुताबिक और कोर्ट के आदेशों के अनुरूप की जा रही है, न कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई के रूप में।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को उजागर किया है, जिसमें कोर्ट आदेशों के बाद ही बुलडोजर की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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ग्रामीण स्तर से लेकर न्यायालय तक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार अवैध कब्जों के विरुद्ध न केवल न्यायालय के निर्देशों का पालन कर रही है, बल्कि भूमि के उचित उपयोग और कानून व्यवस्था के सक्षम क्रियान्वयन पर भी जोर दे रही है।
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