ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े से निष्कासन
किन्नर अखाड़े से महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी को बाहर किए जाने की घटना ने धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक समय बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी, जिन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपनाकर सन्यास की राह चुनी, अब अपने बयानों के चलते विवादों के केंद्र में हैं।
किन्नर अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि ममता कुलकर्णी का अब अखाड़े से कोई संबंध नहीं है। यह निर्णय अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद लिया गया।
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डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने वीडियो संदेश में कहा कि अखाड़ा किसी भी प्रकार का विवाद नहीं चाहता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ममता कुलकर्णी न तो अब अखाड़े की अधिकारी हैं और न ही सदस्य।
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उन्होंने यह भी कहा कि अखाड़े में महिला, पुरुष और किन्नर सभी शामिल हैं और अखाड़ा सामाजिक सौहार्द बनाए रखना चाहता है। मौनी अमावस्या के दिन बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई मारपीट की घटना पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की और कहा कि ऐसी घटनाएं अखाड़े की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद पर बयान बना विवाद की जड़
पूरा विवाद 25 जनवरी को तब भड़का, जब ममता कुलकर्णी उर्फ यामाई ममता नंद गिरि ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा था कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें शून्य ज्ञान है। इतना ही नहीं, उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद से दो सवाल भी पूछे—
पहला – उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया?
दूसरा- करोड़ों की भीड़ में रथ या पालकी के साथ निकलने की क्या आवश्यकता थी?
न इन बयानों को धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया गया और अखाड़े के भीतर असंतोष गहराता चला गया।
टीना मां का रुख: “अब वापस नहीं लौटेंगे”
ममता कुलकर्णी को अखाड़े से बाहर किए जाने के कुछ ही घंटों बाद सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां का बयान सामने आया। टीना मां ने साफ कहा कि वे शुरू से ही ममता कुलकर्णी का विरोध कर रही थीं।
उनका कहना था कि अखाड़े में गलत लोगों को शामिल करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए था। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब बहुत देर हो चुकी है और वे कभी भी उस अखाड़े में वापस नहीं जाएंगी।
गौरतलब है कि टीना मां ने 3 नवंबर 2025 को नए सनातनी किन्नर अखाड़े की स्थापना की थी और 4 नवंबर को उनका पट्टाभिषेक हुआ था।
ममता कुलकर्णी के आरोप और राजनीतिक बयान
ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया था कि अविमुक्तेश्वरानंद की वजह से उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी भरा आचरण होता है, न कि ऐसी जिद, जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े।
उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या वे गोहत्या रोकने का ठोस आश्वासन दे सकते हैं।
हालांकि, IANS से बातचीत में ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि फिलहाल उनके अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आता और मोदी के रहते देश में कुछ गलत नहीं हो रहा है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें-
- ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से औपचारिक रूप से बाहर कर दिया गया है।
- अविमुक्तेश्वरानंद पर दिए गए बयान विवाद की मुख्य वजह बने।
- अखाड़े की प्रमुख लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने सार्वजनिक रूप से फैसले की पुष्टि की।
- टीना मां ने किन्नर अखाड़े से दूरी बनाते हुए नए अखाड़े की राह चुनी।
- ममता के धार्मिक और राजनीतिक बयान लगातार विवादों में रहे हैं।
- पीएम मोदी की तारीफ और विपक्ष पर सवाल उनके बयान को और जटिल बनाते हैं।
- यह मामला धार्मिक परंपरा बनाम व्यक्तिगत विचार की बहस को जन्म देता है।
- 8 किन्नर अखाड़े के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ चुके हैं।
ममता कुलकर्णी का आध्यात्मिक सफर, विवाद और पुरानी ज़िंदगी
ममता कुलकर्णी का जीवन हमेशा विवादों से घिरा रहा है चाहे वह बॉलीवुड से संन्यास हो, विक्की गोस्वामी के साथ संबंधों की चर्चा हो या आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख।
उन पर अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी के आरोप लगे, हालांकि ममता ने हमेशा इन खबरों को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि वे विक्की से प्रेम करती थीं, लेकिन उनका पहला प्रेम ईश्वर हैं।
2013 में उन्होंने अपनी किताब ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी’ जारी की, जिसमें उन्होंने फिल्मी दुनिया छोड़ने और आध्यात्मिक जीवन अपनाने की वजह बताई।
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