उज्जैन के तराना में तनाव के बाद हिंसा, बस फूंकी गई, मंदिर पर पथराव, 13 बसों में तोड़फोड़, 15 लोग गिरफ्तार

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उज्जैन: जिले के तराना कस्बे में गुरुवार रात शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक रूप ले बैठा है। मामूली कहासुनी और एक युवक से मारपीट की घटना के बाद दो समुदाय आमने-सामने आ गए, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। शुक्रवार दोपहर बाद स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब उपद्रवियों ने एक दुकान में आग लगा दी और एक बस को फूंक दिया। आगजनी के बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया, जिसमें एक युवक घायल हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और अब तक 15 लोगों को गिरफतर किया गया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात तराना कस्बे में एक युवक के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव फैल गया और देखते ही देखते मामला दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गया। रात भर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने पहले एक दुकान में आग लगा दी, इसके बाद एक बस को आग के हवाले कर दिया। आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी निशाना बनाया। जानकारी के मुताबिक, एक बस को पूरी तरह जला दिया गया जबकि 13 बसों में तोड़फोड़ की गई। इसके अलावा करीब 10 कारों को नुकसान पहुंचाया गया और 6 से अधिक घरों को क्षति पहुंची है। एक मंदिर पर पथराव की भी सूचना सामने आई है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कुछ युवक पथराव करते और हमला करते हुए दिखाई दिए हैं, जिनके आधार पर पुलिस पहचान और कार्रवाई में जुटी हुई है।

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शुक्रवार को तनाव और बढ़ गया, जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तराना थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, उनका जुलूस निकालने और कथित उपद्रवियों के घरों पर कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए किसी बड़े टकराव को टाल दिया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन शुक्रवार को तराना कस्बे में बाजार बंद रखने का फैसला किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आसपास के थानों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या नई हिंसा को रोका जा सके।

शुक्रवार को जुमे की नमाज भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने पहले से ही मस्जिदों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी थी। नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली, हालांकि पूरे इलाके में अब भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और आगजनी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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प्रशासन ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस लगातर हालात पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। फिलहाल, तराना कस्बे में हालात तनावपूर्ण जरूर हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन के सख्त कदमों के चलते स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है


 

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