Sanjay Singh House Arrest: जम्मू-कश्मीर की राजनीति इस समय सियासी तूफान से गरमाई हुई है।
आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी और उसके विरोध में उठे स्वर तेज हो गए हैं।
दिल्ली से राज्यसभा सांसद गुरुवार को श्रीनगर पहुंचे थे, ताकि वह मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस और धरना कर सकें।
लेकिन यहां पहुंचते ही पुलिस ने संजय सिंह को सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया।
आप सांसद का आरोप है कि गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी में तब्दील कर उन्हें मीडिया से बात करने तक की अनुमति नहीं दी।
फारूक अब्दुल्ला को मिलने नहीं दिया
पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला को जैसे ही पता चला कि संजय सिंह को नजरबंद किया गया है।
वह उनसे मिलने सरकारी गेस्ट हाउस पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी अंदर जाने से रोक दिया।
संजय सिंह जी अपने डोडा से विधायक मेहराज मलिक जी जिन्हें गिरफ़्तार किया गया था, उनके प्रति एकजुटता दिखाने के लिए दिल्ली से यहाँ आए थे।
मुझे इस बात का दुःख है कि जब मैं उनसे सिर्फ़ उनका हालचाल पूछने गया था, तो उन्हें Guest House में बंद किया हुआ था और मुझसे मिलने नहीं दिया गया।… pic.twitter.com/fwv72k3bHO
— AAP (@AamAadmiParty) September 11, 2025
इसके बाद दोनों नेताओं की मुलाकात गेस्ट हाउस के गेट पर ही हुई।
संजय सिंह ने इसे “तानाशाही का आलम” बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन और प्रेस कॉन्फ्रेंस करना कोई अपराध नहीं है।
बहुत दुःख की बात है जम्मू कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर फारूख अब्दुल्ला जी पुलिस द्वारा मुझे हाउस अरेस्ट किए जाने की ख़बर पाकर मुझसे मिलने सरकारी गेस्ट में आये उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
ये तानाशाही नहीं तो और क्या है? pic.twitter.com/MOcNb1heE6— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) September 11, 2025
मेहराज मलिक की गिरफ्तारी का मामला
डोडा से AAP विधायक मेहराज मलिक को 8 सितंबर को पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
प्रशासन का कहना है कि उन पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कठुआ जिला जेल में बंद कर दिया गया।
AAP का आरोप है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीतिक है और मलिक को उनके निर्वाचन क्षेत्र में जनता की आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया गया।
संजय सिंह ने कहा, मेहराज मलिक पर गलत तरीके से PSA लगाया गया है। यह गिरफ्तारी जनता की आवाज दबाने और विपक्ष को डराने की कोशिश है।
श्रीनगर
दम है कितना दमन में तेरे देख लिया है देखेंगे। pic.twitter.com/w96HZB2OfT— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) September 10, 2025
मलिक की गिरफ्तारी से डोडा में 4 दिनों से तनाव
मलिक की गिरफ्तारी के विरोध में डोडा और आसपास के इलाकों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। समर्थक और कार्यकर्ता चार दिनों से सड़कों पर हैं।
हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत बिना अनुमति भीड़ जुटाने और लोगों की आवाजाही पर रोक है।
9 सितंबर को समर्थकों ने ‘डोडा चलो’ मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प हुई और पत्थरबाजी भी हुई। सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
10 सितंबर को भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।
ये नेपाल की तस्वीरें नहीं हैं,
जम्मू-कश्मीर में डोडा से #AAP विधायक मेहराज मलिक की अवैध गरिफ्तारी के खिलाफ जनता का जनसैलाब उमड़ पड़ा है 🔥 pic.twitter.com/MLaQB8dHlB
— Tarsem Lal : मेरा रंगला पंजाब चढ़दी कला रहेगा ♥️ (@tarsemkapahi) September 9, 2025
इसके बाद से डोडा, भद्रवाह, गंडोह और थाथरी जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है। हालांकि इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों के आक्रामक रुख को देखते हुए पुलिस ने अब तक 80 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। इस विवाद के बीच एक और घटनाक्रम ने चर्चा बटोरी।
जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक कार्यकर्ता फातिमा फारूक डोडा में हालात और मेहराज मलिक की गिरफ्तारी पर लाइव स्ट्रीमिंग कर रही थीं।
तभी उनके पति ने इसका विरोध किया और कैमरे के सामने ही उनसे बदसलूकी की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बाद में पुलिस ने फातिमा को सरकारी आदेश का उल्लंघन करने और उनके पति को बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया।
संजय सिंह का आरोप, तानाशाही चरम पर
संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस और धरना था।
लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी बना दिया गया है। मुझे और मेरे साथियों को बाहर निकलने तक नहीं दिया जा रहा है।
लोकतंत्र में अधिकारों के लिए आवाज उठाना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह तानाशाही नहीं तो और क्या है?
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन उन्हें यह बताने को तैयार नहीं है कि आखिर उन्हें क्यों रोका गया है।
तानाशाही चरम पर है मैं इस वक़्त श्रीनगर में हूँ।
लोकतंत्र में हक़ के लिए आवाज़ उठाना आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।
आज @MehrajMalikAAP की अवैध गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस और धरना था लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी बना दिया गया है।
मुझे… pic.twitter.com/0rVDXht6UB— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) September 11, 2025
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने पोस्ट कर लिखा- यह लोकतंत्र नहीं बल्कि सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, जो मौजूदा मुख्यमंत्री के पिता हैं, उन्हें भी संजय सिंह से मिलने नहीं दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पिता जी हैं, उन्हें भी संजय सिंह से उन्ही के राज्य में मिलने नहीं दिया जा रहा? ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है। https://t.co/qhcotbtvLz
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 11, 2025
इस पूरे विवाद ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर केंद्र-राज्य संबंधों और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि यहां असहमति की आवाजों को दबाया जा रहा है।
वहीं प्रशासन का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में हिंसा फैलने नहीं दी जाएगी।
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