Sagar Sar Tan Se Juda

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सागर में लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे, खंडवा में भगवा ध्वज पर काले रंग से लिखा ‘इस्लाम जिंदाबाद’

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Sagar Sar Tan Se Juda: मध्यप्रदेश के दो शहरों से धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला सामने आया है।

सागर में जहां एक बाइक रैली में ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगे।

वहीं खंडवा में भगवा ध्वज पर काले रंग से ‘इस्लाम जिंदाबाद’ लिखा गया और तालिबानी झंडे भी फहराए गए।

ईद मिलादुन्नबी के जुलूसों के दौरान विवादित घटनाओं ने माहौल गरमा दिया है।

इन दोनों ही मामलों में हिंदूवादी संगठनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

वहीं पुलिस ने भी शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सागर में बाइक रैली पर FIR

सागर में गुरुवार को ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर युवकों ने बाइक रैली निकाली।

रैली राहतगढ़ बस स्टैंड से शुरू होकर बड़ा बाजार, परकोटा और बस स्टैंड होते हुए तीनबत्ती तिराहे तक पहुंची।

इसी दौरान कुछ युवकों ने “गुस्ताख-ए-रसूल की एक सजा, सर तन से जुदा” के नारे लगाए।

रैली का वीडियो शुक्रवार को सामने आया। इसके बाद हिंदू संगठनों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।

संगठन का आरोप है कि इस नारेबाजी से शहर की शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई।

पुलिस ने जांच के बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष फिरदोष कुरैशी, पम्मा कसाई, शहबाज और अन्य युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

हिंदू जागरण मंच के नेता उमेश सराफ ने कहा कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह का माहौल न बिगाड़ सके।

खंडवा में भगवा ध्वज पर बवाल

इसी तरह खंडवा में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी निकाले गए जुलूस पर भी विवाद हो गया।

हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि जुलूस में भगवा ध्वज पर काले रंग से “इस्लाम जिंदाबाद” लिखा गया।

साथ ही तालिबानी झंडे लहराए गए और डीजे पर पाक आर्मी के गाने बजाए गए।

आरोप है कि गणेश पंडालों के पास आतिशबाजी की गई और जलेबी चौक क्षेत्र के कल्लनगंज का नाम बदलकर कल्लन अली गंज बताया गया।

देर रात हिंदू संगठनों ने कोतवाली थाने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।

हिंदू जागरण मंच ने कहा कि भगवा हिंदू समाज की पहचान है और इसे मंदिरों और धार्मिक आयोजनों पर फहराया जाता है।

इस पर इस्लाम जिंदाबाद लिखना भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।

उन्होंने दावा किया कि जुलूस में लहराया गया झंडा तालिबान का आधिकारिक ध्वज था, जिसे अफगानिस्तान में भी इस्तेमाल किया जाता है।

खंडवा पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर उचित कदम उठाए जाएंगे।

साम्प्रदायिक तनाव का खतरा

हिंदू संगठनों का आरोप है कि इंदौर जैसे शहरों में पुलिस ने ऐसे विवादित झंडे-बैनर तुरंत हटवाए थे।

लेकिन खंडवा में प्रशासन की मौजूदगी में यह सब हुआ और तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ा है।

संगठनों ने मांग की कि शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाए जाएं।

सागर और खंडवा दोनों ही घटनाओं ने सांप्रदायिक सौहार्द पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

धार्मिक जुलूसों में नारेबाजी और झंडों को लेकर बार-बार विवाद होने से कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

फिलहाल पुलिस ने दोनों जगह FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हिंदू संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में वैमनस्य फैलाने वाली हैं और प्रशासन को सख्ती से निपटना चाहिए।

वहीं मुस्लिम समाज की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

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