वंदे मातरम् …कांग्रेस पार्षद बोलीं, हम किसी के बाप की नहीं सुनते, कांग्रेस भी जाए भाड़ में !

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वंदे मातरम् …कांग्रेस पार्षद बोलीं, हम किसी के बाप की नहीं सुनते, कांग्रेस भी जाए भाड़ में !

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कांग्रेस जाए भाड़ में। हम अपने दम पर जीतते हैं। कांग्रेस हमें हलवा समझती है। हम ओवैसी की पार्टी से लड़ लेंगे। वंदे मातरम् पर खामोश रहने वाली कांग्रेस ने कांग्रेस जाय भाड़ पर तत्काल मोर्चा संभाला। इंदौर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने रुबीना के पार्टी से निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।

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इंदौर/भोपाल। वंदे मातरम् को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पत्रकारों ने उनसे सवाल पुछा। वे बोलीं -कांग्रेस जाए भाड़ में। हम अपने दम पर जीतते हैं। कांग्रेस हमें हलवा समझती है। हम ओवैसी की पार्टी से लड़ लेंगे। वंदे मातरम् पर खामोश रहने वाली कांग्रेस ने कांग्रेस जाय भाड़ पर तत्काल मोर्चा संभाला। इंदौर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने रुबीना के पार्टी से निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।

विवाद पर भाजपा पार्षद भड़क गए। स्थिति संभालने के लिए सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए। इधर, पार्षद रुबीना इकबाल ने सदन की कार्रवाई समाप्त होने के बाद मीडिया से चर्चा में कहा- दादागीरी तो हम किसी के बाप की नहीं सुनते।

भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, शहर कांग्रेस ने रुबीना के पार्टी से निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कमेटी को भेजा है।उधर, पार्षद फौजिया शेख अलीम के खिलाफ एमजी रोड थाने में शिकायत दी गई है। हिंदूवादी नेता- लक्की मेवाती, ऐश्वर्य शर्मा और मानसिंह राजावत अपने साथियों के साथ थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।

मामले पर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के लगातार बयान आ रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे शहीदों का अपमान कहा। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को पार्षदों को नोटिस जारी करना चाहिए।मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया एडवाइजर केके मिश्रा ने भी ट्वीट किया। इसमें शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे से रुबीना खान को पार्टी से बर्खास्त करने को कहा।

इसके बाद चौकसे का बयान सामने आया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा- आज से रुबीना इकबाल कांग्रेस पार्टी में नहीं है, आप मान कर चलिए। हमने प्रदेश कमेटी को रुबीना खान के निष्कासन का प्रस्ताव भेजा है। पार्टी को लेकर गलत बात करने वालों की पार्टी में जगह नहीं, इन्हें पार्टी एंटरटेन नहीं करेगी।
इस बारे में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल से सवाल किया तो उन्होंने कहा- एक इंसान को बोलो कि ये खा ले और एक को बोलो कि ये निगल ले…दोनों बातों में कितना फर्क है। वो हमसे कह रहे हैं कि यहां रहना होगा तो वंदे मातरम् कहना होगा। दादागीरी तो हम किसी के बाप की नहीं सुनते। हम दादागीरी से किसी की बात किसलिए सुनेंगे?रुबीना ने कहा- हम जन गण मन, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा गाते हैं। सभी गाते हैं। हमारे इस्लाम में वंदे मातरम् बोलना मना है। मना है तो मना है।

अल्लाह के सिवाय इबादत के लायक कोई नहीं

रुबीना ने कहा- मुसलमानों की छोटी-छोटी दुकानें तोड़ देते हैं। मुसलमानों से सामान नहीं लेना है। मेले में दुकानें नहीं लगाने देंगे। मेरा इनसे सवाल है कि तुम ईरान से तेल क्यों ले रहे हो, जब नाक लगाओ तो पूरी नाक लगाओ। तेल भी मत लो, गैस भी मत लो, तेल के कुएं हिंदुस्तान में खोदो। हम राष्ट्र के खिलाफ नहीं जा रहे हैं, सरेआम गा सकते हैं सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा…लेकिन जो हमारे कुरान में मना है, वह हम नहीं करेंगे।

कुरान में ये है कि एक अल्लाह के सिवाय इबादत के लायक कोई नहीं है। वंदे मतलब इबादत करना, मातरम् मतलब मां की। जब हम एक अल्लाह की इबादत करते हैं तो माता की इबादत क्यों करें? हम अपनी सगी मां की इबादत नहीं करते हैं, क्योंकि ये हम पर हुकुम है।

भाड़ में जाए कांग्रेस, ओवैसी की पार्टी में जाएंगे

रुबीना ने कहा- भाड़ में जाए कांग्रेस पार्टी। उन्हें लगता है कि मुसलमान वोट लेने के लिए हैं। ऐसे मुद्दे आते हैं तो अपना पल्ला झाड़ लेती है।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को जानकारी देने के सवाल पर रुबीना बोलीं- हमने कांग्रेस से कोई अनुबंध नहीं लिख रखा है कि हम कांग्रेस में ही रहेंगे जिंदगीभर। शिकायत होती है देखते हैं। हमें निकालते हैं तो निकाल दें। हम तो यूं भी निर्दलीय जीतते हैं। हम ओवैसी की पार्टी में चले जाएंगे।

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- किसी भी पंथ या धार्मिक मान्यता से बड़ा देश होता है। देश का स्वाभिमान बढ़ाने वाले गीत-संगीत या उनके स्मारकों का सम्मान करना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।राष्ट्र गीत गाना या न गाना किसी की निजी इच्छा हो सकती है, लेकिन उसका अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है। कांग्रेस पार्टी को पार्षदों को नोटिस जारी करना चाहिए। कांग्रेस कार्यालय में भी वंदे मातरम होता होगा तो क्या वहां ये लोग नहीं गाते, इस पर भी विचार होना चाहिए।

 

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