नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कीमतों में वृद्धि, किसानों की मांगों और सीमा पर तनाव को लेकर बुधवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश के सामने आने वाली चुनौतियों पर संसद में चर्चा पर जोर देगी। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की बैठक में पार्टी सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने नगालैंड में 14 नागरिकों की हत्या पर भी गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इन पीड़ित परिवारों के लिए न्याय जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सीपीपी की बैठक में सोनिया गांधी ने सांसदों के निलंबन पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इस कदम को अपमानजनक और कहा कि यह अभूतपूर्व है कि उन्हें शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने यहां तक कहा कि यह संविधान और राज्यों की परिषद में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों का उल्लंघन करता है। सोनिया गांधी ने कहा कि समूचा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और सरकार के माफी मांगने तक इससे पीछे नहीं हटने वाला है।
आपको बता दें कि सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियां लगातार सदन में भी काफी हल्ला कर रही हैं।
वहीं सरकार की तरफ से कहा गया है कि यदि निलंबित सांसद माफी मांग लेते हैं तो सरकार उनके निलंबन को रद करने पर विचार कर सकती है।
हालांकि सरकार की इस मांग को कांग्रेस समेत दूसरी पार्टी ने ठुकरा दिया है। संसद के सेंट्रल हाल में हुई सीपीपी की बैठक के दौरान कांग्रेस के सभी सांसद मौजूद रहे।
सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सदन में चर्चा करना चाहती है, लेकिन सरकार उनसे बच रही है। सीपीपी की बैठक में उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई का भी मुद्दा उठाया। इसके लिए भी उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया।
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