2018 पात्रता परीक्षा में पदों की विसंगति दूर करने अनुरोध किया
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में शिक्षकों की भर्ती में नीतिगत निर्णय लेने के लिए पत्र लिखा है।
बुधवार को लिखे पत्र में कमलनाथ ने प्रदेश में छात्र-शिक्षक अनुपात ठीक नहीं होने की बात कही। साथ ही कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 में विसंगति युक्त वितरित पदों में भी सुधार करने की मांग की है।
बता दें शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ ने एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की थी। उन्होंने पूर्व सीएम को शिक्षकों की भर्ती की विसंगति के संबंध में अवगत कराया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि प्रदेश में 10 साल बाद 2018 में शिक्षक भर्ती आयोजित की गई। इसमें सेकंड काउंसलिंग में 5670 पदों का विवरण दिया गया।
इसमें हिंदू, उर्दू, सामाजिक विज्ञान, बायोलॉजी आदि विषयों के मात्र 228 पदों की रिक्त बताकर कार्रवाई की जा रही है, जो कि कुल जारी रिक्तियों का केवल 4% है।
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री से अन्यायपूर्ण व असमान वितरण विषयों में पदों की न्यायपूर्ण वृद्धि कराने का अनुरोध किया है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ की प्रदेश संयोजक ममता निगम ने बताया कि हिंदी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और उर्दू में वितरित बहुत ही कम पद क्रमश: 100, 60, 50 और 18 पदों में वृद्धि की मांग लेकर ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने कहा कि 10 सालों से लंबित एवं नाम मात्र पदों के शिक्षक भर्ती से पीड़ित अभ्यर्थियों के बर्बाद भविष्य के बारे में बताया।
उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से हिंदी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और उर्दू के पदों में 3-3 हजार पदों को बढ़ाए। यदि ऐसा ना हो तो प्रदेश के सभी योग्य पास अभ्यर्थियों को इच्छा मृत्यु दे दे।
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