नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक बड़ी बात कही। SCL इंडिया 2021 सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गडकरी ने कहा कि भारत में सिस्टम के कारण ज्यादातर परियोजनाओं में देरी हो रही है। उन्होंने सरकारी प्रणाली में निर्णय न लेना और निर्णय में देरी करना एक बड़ी समस्या बताई।
SCL इंडिया 2021 सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सरकारी प्रणाली को लेकर काफी नाराज दिखाई दिए। उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ढेर सारी सरकारी परियोजनाओं में देरी होने का बड़ा कारण सिस्टम है।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा वह किसी के खिलाफ किसी भी प्रकार का आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन सरकारी प्रणाली में कई सारे अहम परियोजनाओं पर निर्णय नहीं लिया जाता है, या फिर निर्णय लेने में देरी की जाती है, जिसके चलते अधिकांश परियोजनाएं देरी से पूरी होती हैं।
यही नहीं मंत्री गडकरी ने देरी से पूरी होने वाली परियोजनाओं का दुष्परिणाम भी बताते हुए कहा, ‘हर जगह निर्णय लेने में बहुत देरी होती है, जिससे परियोजनाओं की लागत में वृद्धि होती है’।
कंस्ट्रक्शन क्षेत्र से पैदा होते हैं रोजगार के अवसर : केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास करती है, केंद्र राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन कार्यक्रम के माध्यम से 2025 तक करोड़ों रुपये का आवंटन करके भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की कोशिश में लगी हुई है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा ‘हम सभी जानते हैं कि कंस्ट्रक्शन का क्षेत्र भारत में रोजगार के अवसर पैदा करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। कृषि क्षेत्र के बाद, यह हमारे समूचे घरेलू उत्पाद में योगदान के मामले में दूसरे स्थान पर आता है।’
साथ ही साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करने की बात भी कही। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, ‘पीएम मोदी ने मेरी अध्यक्षता में एक समिति नियुक्त की है, जिसमें रेल, पर्यावरण, खान आदि मंत्री भी शामिल होंगे। हम हमेशा देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करते हैं।’
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