जीतू पटवारी का सरकार पर बड़ा हमला, बोले– विजय शाह सीएम मोहन की रीढ़ की हड्डी हैं, इसलिए नहीं हुई कार्रवाई

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जीतू पटवारी: पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भारत की जीत के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मंत्री विजय शाह पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सीधे निशाने पर लेते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर के गांधी भवन में आयोजित झंडावंदन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जीतू पटवारी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की “रीढ़ की हड्डी” होती तो अब तक मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विजय शाह मुख्यमंत्री की रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं, इसी कारण सरकार उनके खिलाफ कदम उठाने से बच रही है।

पटवारी ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर आपसी खटास चल रही है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। उन्होंने बीते घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि छिंदवाड़ा में 26 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इसी तरह इंदौर में 28 लोगों की मौत के मामले में कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा होना चाहिए था और महापौर को तत्काल सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पटवारी ने कहा कि इन सभी मामलों में निष्क्रियता मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री विजय शाह के मामले में अदालत से आदेश होने के बावजूद भी अब तक कार्रवाई न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार कानून और संवैधानिक संस्थाओं के निर्देशों की अनदेखी कर रही है।

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गौरतलब है कि विवादों के बीच मंत्री विजय शाह रतलाम में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जबकि खंडवा में उन्होंने ध्वजारोहण किया। इसे लेकर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और कहा है कि जब तक आरोपों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी अनुचित है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और मुख्यमंत्री पर दबाव बढ़ा दिया है


 

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