एपस्टीन की आर्ट की पसंद भी यौन गंदगी वाली!
सेरानो का बदबूदार आर्ट
भोपाल। एपस्टीन फाइल्स का जिक्र होते ही आप बोरियत महसूस करने लगे हों तो भी मान लीजिए कि ये फाइल्स पीछा जल्दी छोड़ने वाली नहीं हैं। फिर भी आज हम फाइल्स में कला क्षेत्र के जिक्र की बात कर लेते हैं।
जी हां, इन फाइलों में कला के क्षेत्र के भी चौंकाने वाले खुलासे हैं। इस सिलसिले में एक नाम आपके सामने आता है एंड्रेस सेरानो।
ये सज्जन खासे क्रिएटिव हैं, क्रिएटिव हेड रहे हैं और इनकी फोटोग्राफी की प्रदर्शनियां दुनिया के कई कोनों में लग चुकी हैं लेकिन इन फाइल्स में सेरानो का नाम इस वजह से नहीं है।
दरअसल एपस्टीन फाइल्स में सेरानो का नाम उस चित्रकार होने के नाते आया है जो आईल कलर, वॉटर, पेस्टल या चारकोल जैसी चीजों से चित्र नहीं बनाते बल्कि उन्हें इंसानों की उन चीजों से चित्र बनाने के लिए पहचाना जाता है।
जिनके बारे में देख या सुनकर हम और आप नाक भौं सिकोड़ते हैं। सेरानो को एपस्टीन में अपने द्वीप पर बुलाया, पूरा विजिट कराया और उनसे ‘एस्थेटिक्स’ को लेकर राय ली।
सेरानो साहब ने कहा कि मैं तुरंत राय तो नहीं दे रहा लेकिन जरुर यह बात मेरे दिमाग में है।
वापसी के कुछ दिन बाद सेरानो ने इंसानी मल, मूत्र, खून वगैरह से बनाई छह पेंटिंग्स के नमूने एपस्टीन को भेजकर कहा कि मेरा मानना है यदि इनमें से कोई तीन पेंटिंग आप चुन लेते हैं
और उन्हें मेरे हिसाब से एक्जीबिट करते हैं तो आपके पास अपने मेहमानों को दिखाने के लिए कुछ अनूठा होगा।
वैसे सेरानो अपने ग्राहकों को एक और ऑफर देते थे कि वे महिलाओं के पीरियड़स वाले खून से भी चित्र बनाकर दे सकते हैं
और यदि चाहें तो नवजात बच्चों के लिए उतरे किसी मां के दूध से भी उन्हें पेंटिंग बनाने में भी उनकी खास रुचि रहती है। बस इस तरह की पेंटिंग्स की कीमत अपेक्षाकृत ज्यादा होती है।
ऐसा भी नहीं कि सेरानो की इस कथित ‘कला’ के दीवाने कम हों।
उन्हें ट्रांसग्रेसिव आर्ट का पुरोधा मानने वाले उनकी इन कथित कृतियों की कीमत मुंहमांगी देते हैं और 1987 में उनकी बनाई ‘पिस क्राइस्ट’ तो खासी चर्चा में भी रही।
पिस से उनका आशय ठीक वही है जो आप समझ रहे हैं। इसमें सेरानो ने क्राइस्ट के फोटो को एक ग्लास में रख दिया और उसमें अपना यूरिन भरकर प्रदर्शनी में रखा,
हंगामा भी हुआ लेकिन दो साल के भीतर ही इसे दो लाख 77 हजार डॉलर में खरीदने वाला ग्राहक भी मिल गया जबकि खुद सेरानो ने इसकी शुरुआती कीमत 20 से तीस हजार डॉलर के बीच रखी थी।
क्राइस्ट का इस तरह अपमान करने के चलते कई लोगों ने नाराजी जताई और सेरानो को भला-बुरा कहा गया लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अखबार ने सेरानो को खूब समर्थन दिया
और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया। हालांकि कुछ कला समीक्षकों ने उनके काम को निहायत बकवास भी कहा लेकिन जब खरीदने वाले दीवाने हुए पड़े हों तो ऐसे समीक्षकों की चिंता कौन करे।
सेरानो को सेन फ्रांसिस्को म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट की आर्ट बुक में भी जगह मिल गई और इसे देखकर ‘मेटालिका’ के गिटारिस्ट किर्क हेम्मेट ने सेरानो के कामों में रुचि ली,
उन्हें यह इतना पसंद आया कि अपने मेटल बैंड के एक एलबम ‘लोड’ के कवर पर उनकी ‘कृति’ ‘ब्लड एंड सीमन 3’ को लिया और अगले ही साल यानी 1997 में जब अगला एलबम ‘रीलोड’ आया तो कवर पर सेरानो की कृति ‘पिस एंड ब्लड’चमकती नजर आई।
1996 से पहले सेरानो मेटल बैंड मेटालिका को नहीं जानते थे लेकिन इसके बाद दोसती हुई तो उन्होंने संगीत में भी खूब रुचि ली और गॉडफ्लैश ग्रुप के साथ उन्होंने ‘क्रश माइ सोल’ नाम का वीडियो भी अपने निर्देशन में बनाया।
कमोबेश इसी समय एपस्टीन से भी उनका मेलजोल बढ़ा और मेलजोल की वजह थी दो ऐसे आर्टवर्क जो खरीदना तो सेरानो चाहते थे लेकिन एपस्टीन उनसे आगे निकला।
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ऐसे में सेरानो बार बार एपस्टीन से वही दो आर्टवर्क चाहते थे जिनमें से एक तो देने से एपस्टीन ने इंकार कर दिया लेकिन दूसरी वह इस शर्त पर देने को तैयार था कि वह इसके बदले में कुछ बेहतरीन कृतियों दे दें।
यह सब होता इससे पहले एपस्टीन के खेल का भंडाफोड हो गया, उसकी दीवारें सेरानो के मल, मूत्र, सीमन, खून और पीरियड्स के खून से बने आर्ट से सज सकें उससे पहले ही उसे जेल की दीवारों में कैद होना पड़ गया और जहां आखिरकार उसकी संदिग्ध मौत हो गई।
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