अमित शाह ने कहा पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनेगी, तो हर घुसपैठिए को बाहर किया जाएगा
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और सत्ता में आते ही एक-एक घुसपैठिए को बाहर किया जाएगा।
अमित शाह ने यह बयान बिहार के अररिया जिले में सशस्त्र सीमा बल के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया।
अररिया, बिहार के सीमांचल क्षेत्र में आता है, जो पश्चिम बंगाल से सटा हुआ इलाका है। इस मौके पर गृह मंत्री ने सशस्त्र सीमा बल की सीमा चौकियों के उद्घाटन और विभिन्न विकास कार्यों के ई-शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि Bharatiya Janata Party वहां पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी
अमित शाह ने कहा, चुनाव आने वाले हैं और मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत होगी। सरकार बनते ही राज्य से हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालने का काम किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों को बाहर करने की प्रक्रिया बिहार से शुरू होगी, खासकर सीमांचल क्षेत्र से।
गृह मंत्री ने याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनावों में बिहार में बीजेपी को इसी मुद्दे पर जनादेश मिला था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने उनकी इस नीति की आलोचना की थी, इसके बावजूद जनता ने भरोसा जताया है।
अमित शाह के मुताबिक, घुसपैठ केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा है।
अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठिए न केवल देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि वे किसी क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना को भी प्रभावित करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं, राशन और अन्य सुविधाओं पर बोझ बनते हैं, जिससे असली जरूरतमंदों का हक मारा जाता है।
गृह मंत्री ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम को ऐसे राज्य बताया, जो जनसांख्यिकीय असंतुलन के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश में जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अपने भाषण की शुरुआत में अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व विचारक Vinayak Damodar Savarkar को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति को भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम मानने की सोच सावरकर की ऐतिहासिक लेखनी के बाद ही सामने आई।
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