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इंदौर। बड़ा रावला इंदौर के जमीदार परिवार के तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। ओल्ड पलासिया निवासी सुरेश धूत ने क्राइम ब्रांच से शिकायत की थी। जिसकी जांच के बाद श्रीकांत जमींदार, माधवी जमींदार और बरदराज जमींदार पर केस दर्ज किया है।
शिकायत में बताया था कि उनके मालिकाना हक़ का एक भवन नंबर 5/3 जो सियागंज में स्थित है। इसके एक भाग पर मनोहर लाल अग्रवाल किरायेदार है। जिसे मेरे पिता नाथूलाल ने कई साल पहले किराये से दिया था। उनकी मौत के बाद भी मनोहर किरायेदार के रूप में था।
श्रीकांत जमींदार ने अपने ब्रोकर विशाल वर्मा के माध्यम सुरेश और किरायेदार मनोहर से संपर्क किया। जिसमें श्रीकांत ने उस भवन को कौटुम्बिक न्यास के स्वामित्व का दर्शाया। खुद को ट्रस्टी बताते हुए साठगांठ करते हुए उस हिस्से की मनोहर के नाम रजिस्ट्री करा ली।
सुरेश ने क्राइम ब्रांच को बताया कि श्रीकांत जमींदार कौटुम्बिक न्यास का न्यासी नहीं है। उसे सुरेश की संपति बेचने का अधिकार भी नहीं था। इसके लिए उन्होंने फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाए थे। सुरेश ने बताया कि कौटुम्बिक न्यास की वास्तविक न्यासी वंदना देवी जमीदार और प्रथमेश जमीदार हैं।
साथ ही बताया गया कि विक्रय पत्र में खुद के पेन कार्ड का उल्लेख किया। भवन के हिस्से को बेचने के लिए जो भी अमाउंट मिला था, उसे न्यास के खातों में जमा नहीं करते हुए नकद प्राप्त किया। सभी डॉक्यूमेंट पूरी तरह से फर्जी बनाए गए। सुरेश ने बताया कि इससे उन्हें करोड़ों का नुकसान होने के साथ ही संपति मामले में धोखाधड़ी हुई है।
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