पॉलिटिक्सवाला रिपोर्ट
बेंगलुरु। कर्नाटक से एक बड़ी खबर हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर एफआईआर दर्ज हुई। शुक्रवार को ही बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट नेको वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप है।
]सुप्रीम कोर्ट के इलेक्टोरल बांड को अवैध ठहराया है, बावजूद इसके वित्तमंत्री कह रही थी कि वे इलेक्टोरल बांड को वापस लाएगी। शिकायत में कहा गया है कि अप्रैल 2019 से अगस्त 2022 तक व्यवसायी अनिल अग्रवाल की फर्म से लगभग 230 करोड़ रुपए और अरबिंदो फार्मेसी से 49 करोड़ रुपए चुनावी बॉन्ड के जरिए वसूले गए।
वित्तमंत्री पर करोड़ों की वसूली के आरोप हैं। जनाधिकार संघर्ष परिषद के आदर्श अय्यर ने बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बेंगलुरु के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर काे होगी।
अप्रैल 2024 में की थी शिकायत
जनाधिकार संघर्ष परिषद ने अप्रैल में 42वीं एसीएमएम कोर्ट में दायर याचिका में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ED अधिकारियों, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं, तत्कालीन भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ शिकायत की थी। इस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- स्कीम असंवैधानिक
15 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- यह स्कीम असंवैधानिक है। बॉन्ड की गोपनीयता बनाए रखना असंवैधानिक है।
यह स्कीम सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट नेएसबीआई और चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करे।
21 मार्च को डेटा सामने आया। इसमें पता चला था कि 2018 से 2023 तक देश की 771 कंपनियों ने 11,484 करोड़ के बॉन्ड खरीदे थे। ट्रेडिंग कंपनियों ने सबसे ज्यादा 2955 करोड़ रुपए सियासी दलों को दिए।
]
You may also like
-
LPG Cylinder पर बड़ा अपडेट, 1 अक्टूबर से Aadhaar Biometric Authentication होगा अनिवार्य
-
‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ से दुश्मनी तक, तिब्बत और दलाई लामा ने कैसे बदले भारत-चीन रिश्ते?
-
फरक्का जल संधि पर भारत का बड़ा फैसला संभव, दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा समझौता
-
CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट को बताया पर्यावरण न्याय का बरगद, विकास-संरक्षण संतुलन जरूरी
-
भारत बनाएगा 350 किमी/घंटा की स्वदेशी बुलेट ट्रेन, 2030 तक तैयार होगा B35 मॉडल
