भोपाल
पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या का आरोपित वरुण कुमार अब सलाखों के पीछे है। आरोपित राजधानी में सनसनी फैला देने वाली वारदात कर तब भाग निकला, जब पुलिस को घटना का पता ही नहीं चल सका था। 33 दिन पुलिस की 10 से ज्यादा टीमें मैदान में और अलग-अलग साइबर की टीमें उसकी एक-एक मूवमेंट की तलाश में थीं।
लेकिन आरोपित बेखौफ और बेफिक्र होकर अलग-अलग शहरों में घूमता रहा और 33 दिन तक पुलिस को आसानी से छकाता रहा। उसे यकीन था कि मोबाइल का उपयोग न करने पर पुलिस कभी उसे पकड़ ही नहीं पाएगी और लूटी गई रकम से वह यूं ही ऐश करता रहेगा।
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