राहुल गांधी की रैली से नदारद रहने पर बड़ा एक्शन, यूथ कांग्रेस के 200 से ज्यादा नेता सस्पेंड

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नई दिल्ली
 हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी इंडी गठबंधन की रैली में शामिल न होने के कारण इंडियन यूथ कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अपने 200 से ज्यादा सदस्यों को निलंबित कर दिया है।

निलंबन पत्रों से पता चलता है कि अब तक सात राज्यों में कम से कम 185 सदस्यों को निलंबित किया गया है और उनसे उनकी अनुपस्थिति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, अनुशासनात्मक समीक्षा के बाद यह संख्या बढ़कर 500 तक पहुंच सकती है।

निलंबित सदस्यों ने जताई हैरानी
हालांकि, यूथ कांग्रेस के कुछ निलंबित सदस्यों ने इस बात पर हैरानी जताई है कि पार्टी ने उन्हें सिर्फ एक घटना के आधार पर कैसे आंक लिया, जबकि उन्होंने पार्टी की सेवा में अपने जीवन के कई साल दिए हैं।

यूथ कांग्रेस के महासचिव रोहित राजोरिया को बिना अपनी बात रखने का मौका दिए उनके पद से हटा दिया गया। इस पर उन्होंने कहा, "हमने पार्टी के लिए एफआईआर का सामना किया और जेल भी गए। क्या हमें सिर्फ एक कार्यक्रम में शामिल न हो पाने की वजह से हटाया जा रहा है?"

चाचा की तेरवीं में होना था शामिल
राजोरिया ने बताया कि कांग्रेस पार्टी की युवा शाखा मनमाने ढंग से काम कर रही है, जबकि उन्होंने पार्टी के लिए 15 साल तक काम किया है। इस दौरान, पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की वजह से उनके खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज हुईं और उन्हें तीन-चार बार जेल भी जाना पड़ा।

उन्होंने एक कार्ड दिखाया, जिसमें लोगों से उनके दिवंगत चाचा की तेरवीं में शामिल होने का आग्रह किया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को इस शोक के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था और यह भी बता दिया था कि वे 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की रैली के लिए दिल्ली नहीं आ पाएंगे।

सिर्फ एक कार्यक्रम में शामिल न होने पर तुरंत हटा दिए जाने के बाद राजोरिया ने सवाल उठाया है कि ऐसी परिस्थितियों में पार्टी सत्ता में लौटने की उम्मीद कैसे कर सकती है।

किन राज्यों में की गई कार्रवाई?
यूथ कांग्रेस ने सबसे बड़ी कार्रवाई मध्य प्रदेश में की है, जहां 60 सदस्यों को निलंबित किया गया है। इसके बाद गुजरात में 49 और पश्चिम बंगाल में 26 सदस्यों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा, तेलंगाना में 14, मध्य उत्तर प्रदेश में 13, कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में 13 और हरियाणा में 10 सदस्यों को निलंबित किया गया है।

 

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