रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर भीषण हादसा, खड़े ट्रक से टकराई बस; 5 की मौत, 14 घायल 2. छत्तीसगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक से भिड़ी बस, पांच लोगों की मौत, 14 घायल 3. रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर मौत का मंजर, बस-ट्रक की टक्कर में 5 की जान गई, 14 घायल

Share Politics Wala News

बलौदाबाजार

 छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। सड़क किनारे खड़े ट्रक से यात्रियों से भरी बस की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बस चालक और परिचालक समेत कुल पांच लोगों की जान चली गई, जबकि 14 अन्य यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

मिली जानकारी के मुताबिक यात्री बस रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान मार्ग पर किनारे खड़े ट्रक से बस की जबर्दस्त टक्कर हो गई। भीषण आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत बचाव के लिए दौड़े। तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि 16 घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया। वहां उपचार के दौरान दो और गंभीर घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़कर पांच पहुंच गया। शेष 14 घायलों का उपचार जारी है।

मृतकों की शिनाख्त, गंभीर घायल उच्च केंद्र रेफर

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बस चालक भागीरथ यादव (37 वर्ष, निवासी खजरीकला, जशपुर), हेल्पर पवन देवांगन (24 वर्ष, निवासी बलंगी, बलरामपुर) और यात्री समीम मोहम्मद (39 वर्ष, निवासी सरना, बलरामपुर) के रूप में हुई है। वहीं अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में अतुल कुमार और सुंदर लाल शामिल हैं। घायलों में वासुदेव राव, निर्मला यादव, अमन गुप्ता, सतीश भगत और अनिल यादव सहित अन्य मुसाफिर शामिल हैं। गंभीर हालत को देखते हुए कई घायलों को बिलासपुर और रायपुर के उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया है।
हाईवे पर खड़े भारी वाहन बने जानलेवा खतरा

यह दर्दनाक हादसा नेशनल हाईवे पर नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए जाने वाले भारी वाहनों की गंभीर समस्या को उजागर करता है। रात के अंधेरे में कम दृश्यता के चलते सड़क किनारे खड़े वाहन चालकों को समय रहते नहीं दिखते। विशेषकर जब इन वाहनों में टेललाइट, रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर बंद होते हैं, तो वे सीधे मौत का कारण बनते हैं।

ट्रैफिक पुलिस की गश्त और निगरानी पर उठे सवाल

इस बड़ी दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर पेट्रोलिंग और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रात की नियमित गश्त, सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने और रिफ्लेक्टर जांच की सख्त मुहिम चलाई जानी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *