बिलासपुर
नई दिल्ली भारत मंडपम के प्रगति मैदान में आयोजित इंसपायर-मानक’ राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी (एनएलइपीसी) में बिलासपुर की दो प्रतिभावान बेटियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और हुनर से पूरे देश में परचम लहरा दिया है। हाल क्रमांक पांच के प्रथम तल पर सजी भव्य प्रदर्शनी में बिलासपुर की इन होनहार बाल विज्ञानियों ने अपने नवाचारों की ऐसी अनूठी छाप छोड़ी कि हर कोई देखता रह गया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरीखुर्द बिल्हा की छात्रा रेणुका धनुहार ने अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका एम गीता गायत्री के सहयोग से स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम (थूक की पहचान एवं चेतावनी प्रणाली) का माडल तैयार किया। सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देने वाले अनूठे प्रोजेक्ट को रेणुका ने अत्यंत आत्मविश्वास और सहजता के साथ निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया।
उसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बेबाक जवाबों ने सबको प्रभावित किया। इसी तरह, बिलासपुर की दूसरी होनहार छात्रा त्रिशा कमलेश ने अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका मधु जायसवाल के मार्गदर्शन में वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ (मौसम-सुरक्षा स्मार्ट बैग) का माडल प्रदर्शित किया।
त्रिशा ने बहुत ही सरल अंदाज में समझाया कि कैसे यह स्मार्ट बैग बदलते मौसम, तेज धूप और बारिश के दौरान जरूरी सामानों को पूरी तरह सुरक्षित रख सकता है। उसकी रचनात्मक सोच और सधे हुए प्रस्तुतीकरण की हर तरफ सराहना हुई। शानदार उपलब्धि पर दोनों छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र और विज्ञान किट से सम्मानित किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह द्वारा सम्मान मिलने से बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष का माहौल है।
स्वच्छता को तकनीकी धार देती रेणुका की अनूठी पहल
रेणुका द्वारा तैयार किया गया ‘स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम’ सार्वजनिक स्वच्छता के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। सेंसर और अलार्म पर आधारित यह तकनीक लोगों को खुले में थूकने से रोकने और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में बेहद मददगार है।
बदलते मौसम की हर चुनौती से लड़ेगा त्रिशा का स्मार्ट बैग
त्रिशा का ‘वेदर गार्ड स्मार्ट बैग’ आधुनिक तकनीक और रोजमर्रा की जरूरत का बेहतरीन मेल है। यह बैग हर मौसम में न सिर्फ सामान की हिफाजत करता है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सफर को भी आसान बनाता है।
राष्ट्रीय मंच पर बेटियों की सफलता से बढ़ा जिले का मान
देशभर के चुनिंदा बाल विज्ञानियों के बीच बिलासपुर की दोनों बेटियों ने अपनी प्रतिभा का जो लोहा मनवाया है, वह मील का पत्थर है। उनकी यह सफलता जिले के अन्य सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी विज्ञान के प्रति नया जोश और प्रेरणा जगाएगी।
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