रायपुर
छत्तीसगढ़ ने आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए सिंगापुर में आयोजित प्रथम सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 में ₹43,250 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की प्रतिबद्धताएं प्राप्त कीं। इनमें एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के लिए ₹41,750 करोड़ की एक बड़ी निवेश प्रतिबद्धता शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फोरम में राज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जहां छत्तीसगढ़ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सहभागिता कर रहा था।
यह महत्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धता सिंगापुर मुख्यालय वाली एनर्जी कैपिटल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आई है, जो छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करेगी। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑन-साइट स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े एआई-रेडी डेटा सेंटर्स का विकास और वित्तपोषण करती है तथा इसकी उपस्थिति सिंगापुर, भारत, मलेशिया, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया में है। मुख्यमंत्री ने फोरम में कंपनी को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ सौंपा।
यह निवेश प्रतिबद्धता छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को और गति देती है। राज्य में पहले से ही भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित है। ये परियोजनाएं मिलकर छत्तीसगढ़ को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
एनर्जी कैपिटल ग्लोबल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टानिस्लाव बोरिसोव ने कहा, “एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जिस ऊर्जा, भूमि और राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है, वह आज छत्तीसगढ़ में उपलब्ध है। यह एमओयू एक दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत है। हम मध्य भारत में सबसे बड़ा एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने, राज्य में अंतरराष्ट्रीय पूंजी और विशेषज्ञता लाने तथा इसके संचालन के लिए छत्तीसगढ़ के इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साहित हैं।”
राज्य को सनस्ट्रीम ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से सोलर क्षेत्र के साथ-साथ संबंधित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये निवेश प्रतिबद्धताएं छत्तीसगढ़ की नीतियों, संभावनाओं और लोगों के प्रति विश्वास का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के और करीब ले जाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ एक फायरसाइड चैट में भी हिस्सा लिया, जिसका संचालन सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ का पक्ष प्रभावी ढंग से रखते हुए उन्होंने कहा, “हम बंद कमरों में चर्चा करके सुधार नहीं लाते। हम सीधे उद्योग जगत से उनकी कठिनाइयों के बारे में पूछते हैं और उसके अनुरूप अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करते हैं। 450 से अधिक सुधार किए जा चुके हैं और यह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ तब तक नहीं रुकेगी, जब तक लोग स्वयं यह न कहें कि अब और सुधार की आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने कहा कि सुधारों, प्रगतिशील औद्योगिक नीति और सक्रिय सरकार के इस संयोजन के कारण छत्तीसगढ़ को केवल 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सिंगापुर सरकार के विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सु गैन सियो ह्वांग फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनकी उपस्थिति ने भारतीय राज्यों के साथ आर्थिक संबंधों को और गहरा करने को सिंगापुर द्वारा दिए जा रहे महत्व को रेखांकित किया। मास्टरकार्ड, आईएचसीएल (ताज होटल्स) और नेस्ले सहित वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
फोरम के इतर मुख्यमंत्री ने एक्वाटेक और एड्रॉइट ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन चर्चाओं में उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से संबंधित अधोसंरचना और छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण के व्यापक अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्यमंत्री 6 अक्टूबर 2026 को CEO राउंडटेबल में सिंगापुर की प्रमुख कंपनियों और निवेश संस्थानों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और फोरम से बनी निवेश की गति को आगे बढ़ाएंगे।
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