भिलाई.
नगर निगम भिलाई की परियोजना शाखा द्वारा कराए गए पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत की संयुक्त जांच में पुष्टि हो गई है। लोक निर्माण विभाग दुर्ग संभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की संयुक्त जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है।
लोकसभा सांसद दुर्ग विजय बघेल के माध्यम से 06 दिसंबर 2025 को आवेदक संतोष मौर्य, भाजपा जिला महामंत्री, पूर्व पार्षद वार्ड-15 अंबेडकर नगर द्वारा शिकायत की गई थी कि निगम की परियोजना शाखा में पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर कलेक्टर ने संयुक्त जांच के आदेश दिए थे।
जांच में क्या मिला
कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने कलेक्टर दुर्ग को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के अनुसार निगम के 29 अनुबंधों की मौके पर जांच की गई। इसमें से 21 अनुबंधों में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा मौके पर कम पाई गई। एनेक्जर-1 के कॉलम 8 में दर्शाई गई कम मात्रा के अनुसार 16,85,457 रुपए का अधिक भुगतान माप पुस्तिका में दर्ज पाया गया। जांच के दौरान 9 अधिकारी उपस्थित थे, जिसमें पीडब्ल्यूडी के अनुविभागीय अधिकारी बी.एल.पीसदा, उपअभियंता मनीष तिवारी, सविता प्रसाद और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रतीक मसीह, राकेश साहू तथा निगम के सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उपअभियंता अर्पित वंजारे, श्वेता महेश्वर, रीमा जांबुलकर शामिल थे।
कलेक्टर ने दिए कठोर कार्रवाई के आदेश
जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दुर्ग अभिजीत सिंह ने भिलाई निगम के आयुक्त को आदेशित किया है। उक्त समस्त कार्यों, स्थलों पर माप दर्ज करने वाले दोषी अभियंताओं तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं आधिक्य राशि की वसूली उनसे करते हुए प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उप अभियंता ने दिया स्पष्टीकरण
कारण बताओ नोटिस मिलने पर निगम के जोन 1 के उपअभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा ने मुख्य अभियंता को लिखित स्पष्टीकरण दिया है। वार्ड 06 नेहरू नगर चौक प्रियदर्शिनी परिसर में वेंडिंग जोन में पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य के संबंध में उनका कहना है कि माप पुस्तिका में 378.56 वर्ग मीटर और जांच में 375.20 वर्ग मीटर पाया गया, अंतर 3.36 वर्ग मीटर का है, जिसकी राशि 2123.00 रुपये है। वर्तमान में पुनः माप पर 33.35 मी. गुणा 11.35 मी. 378.52 वर्ग मी. पेवर ब्लॉक लगा पाया गया हैं, जो एमबी के अनुरूप है। माप, वास्तविक प्रगति और तत्कालीन स्थल परिस्थिति के अनुसार की गई थी। माप की विधि और वर्तमान तिथि में अंतर, कार्य के निष्पादन परिवर्तन के कारण मामूली अंतर संभव है। किसी ठेकेदार को अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया, न निगम को क्षति पहुंचाई जांच दल ने बिना सूचना के उनकी अनुपस्थिति में मापांकन किया, वे संयुक्त पुनः सत्यापन के लिए तैयार हैं।
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