भोपाल
उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को मंत्रालय में ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल पर ई-कंटेंट वीडियो के अपलोड एवं प्रकाशन कार्य का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों एवं पाठ्यक्रमों की गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणिक एवं सत्यापित डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। ई-ज्ञानसेतु गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी सुविधा के अनुसार विश्वसनीय अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक तकनीक के साथ विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, भाषा और संस्कृति से जोड़ना भी आवश्यक है। इसी दृष्टि से ई-कंटेंट में भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित विषयों को स्थान दिया जा रहा है। संस्कृत एवं मराठी सहित आंचलिक एवं क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कंटेंट तैयार किया जाना विद्यार्थियों के लिए अध्ययन को अधिक सहज और प्रभावी बनाएगा।
मंत्री परमार ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि मध्यप्रदेश का विद्यार्थी आधुनिक ज्ञान और तकनीक से जुड़े, साथ ही अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से भी जुड़ा रहे।” उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को आंचलिक एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अधिकाधिक गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने के निर्देश दिए।
डिजिटल शिक्षा से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि डिजिटल माध्यम शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाने का प्रभावी साधन है। e-GyanSetu के माध्यम से विद्यार्थी कहीं भी, कभी भी और अपनी सुविधा एवं अपनी गति के अनुसार पाठ्यक्रम से संबंधित अध्ययन सामग्री देख सकेंगे। विशेष रूप से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह पहल उपयोगी होगी।
राजन ने कहा कि डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य केवल सामग्री को ऑनलाइन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणिक सामग्री पहुंचाना है, इसलिए ई-कंटेंट की गुणवत्ता एवं प्रामाणिकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल स्टूडियो का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तैयार करने और सत्यापन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए।
आयुक्त उच्च शिक्षा ने ई-ज्ञानसेतु की अवधारणा पर विस्तृत प्रकाश डाला और कार्यक्रम का संचालन प्रो. स्नेहा खरे ने किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की वर्चुअल सहभागिता रही।
10 डिजिटल स्टूडियो में तैयार हो रहे वीडियो व्याख्यान
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में 10 डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। इनमें शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान एवं जनभागीदारी शिक्षक विषय विशेषज्ञ के रूप में वीडियो व्याख्यान तैयार कर रहे हैं। अब तक 2 हजार से अधिक वीडियो रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। वीडियो की विषयवस्तु, पाठ्यक्रमानुरूपता, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं तथ्यात्मक शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विषय विशेषज्ञों से गठित वैलिडेशन बोर्ड द्वारा इनका परीक्षण किया जा रहा है। सत्यापन के उपरांत वीडियो को चरणबद्ध रूप से e-GyanSetu YouTube Channel पर उपलब्ध कराया जाएगा।
ई-कंटेंट कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, गृह विज्ञान, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के लिए तैयार किया जा रहा है। विद्यार्थियों को अवधारणाएं सरलता से समझाने के लिए आवश्यकतानुसार ग्राफिक्स एवं डिजिटल विजुअल्स का भी उपयोग किया जा रहा है।
You may also like
-
दहेज की कुरीति पर रंगमंच से प्रहार, ‘मया के मुंदरी’ ने जगाई सामाजिक चेतना
-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगा नया विस्तार
-
सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव
-
समान नागरिक संहिता (UCC) पर राजनांदगांव में बैठक सम्पन्न
-
बेटियां अपने परिवार, मातृभूमि, समाज और राष्ट्र के प्रति सदैव कृतज्ञता का भाव रखें : मंत्री परमार
