मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल हुई है : राज्यमंत्री अहिरवार
अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग:एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपोर्ट का किया विमोचन
भोपाल
मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कई उल्लेखनीय पहल की है। इंदौर में स्वच्छता, सतत् अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व स्थापित किया है। राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण दिलीप सिंह अहिरवार ने भोपाल स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग-एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपेार्ट के कार्यक्रम विमोचन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवकरणीय ऊर्जा और हरित शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारा राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना तथा इलेक्ट्रिक वाहन एवं नवकरणीय ऊर्जा से संबंधित नीतियों में हमे एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि आज हम सभी मध्यप्रदेश के लिये एक स्वच्छ, स्वस्थ और जलवायु अनुकूल भविष्य पर सामूहिक विचार करने के लिये एकत्रित हुए है। स्वच्छ वायु दिवस को मनाने का उद्देश्य वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर पढ़ने वाले बूरे प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना तथा सामूहिक भागीदारी द्वारा आम नागरिकों, औद्योगिक इकाईयों और विभिन्न शासकीय एवं निजी उपक्रमों को प्रदूषण न करने के लिये प्रेरित करना। उन्होंने प्रदेश के नॉन-CO2 उत्सर्जन की महत्वपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट को तैयार करने के लिये जलवायु परिवर्तन केन्द्र, एप्कों की वैज्ञानिक टीम, इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, टेरी और सभी सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि स्वच्छ वायु और जलवायु परिवर्तन से निपटने की हमारी रणनीतियां एक दूसरे से जुड़ी हुई है। हम स्थानीय स्तर पर जो कदम उठाते है, उनका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। स्वच्छ हवा सबकी साझा धरोहर है। उन्होंने कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है हमें ऐसे वैज्ञानिक अध्ययनों की आवश्यकता है जो जिलेवार और क्षेत्रवार सटीक जानकारी उपलब्ध करायें। इससे हम अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बना सकें। मुझे विश्वास है कि आज प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और विभिन्न विभागों के लिये एक उपयोग मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। हम सभी मिलकर इस महत्वपूर्ण रोडमेप को धरातल पर प्रभावी कार्यों में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे और स्वस्थ, हरित तथा जलवायु-लचीले मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर कार्यपालन संचालक एप्को हर्षल पंचोली ने कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत उद्बोधन दिया। पूर्व सदस्य सचिव केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. बी. सेनगुप्ता, वायु प्रदूषण नियंत्रण पर तकनीकी सत्र, जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता, द एनर्जी एण्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट नई दिल्ली ने वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र और निदेशक विज्ञान कार्यक्रम, गेटवे रिसर्च निमीश सिंह ने ट्रांसबाउंड्री वायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र को संबोधित किया।
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