सत्ता में आने के तीन महीने के अंदर पश्चिम बंगाल भाजपा ने उगाही और जबरन वसूली के आरोपों पर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के महज तीन महीने बाद भारतीय जनता पार्टी को अपने ही कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ी है। रंगदारी और अवैध उगाही के बढ़ते आरोपों के बीच भाजपा नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाते हुए 22 से अधिक कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया है, जबकि करीब 250 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता और आसपास के जिलों में निर्माण कार्यों, प्रमोटरों और व्यापारियों से कथित तौर पर रंगदारी और कट मनी मांगने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों के बाद भाजपा संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मुख्य रूप से बूथ, मंडल और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं पर की गई है। पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर जबरन वसूली या गलत गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को पहले ही चेतावनी दी थी कि वे किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों से दूर रहें। राज्यमंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और अर्जुन सिंह ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी थी।
जानकारी के अनुसार, जिन 250 लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें से करीब 80 कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखा। उनके जवाब से संतुष्ट होने के बाद फिलहाल उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, 30 से अधिक लोगों को पार्टी से निष्कासित किए जाने की भी खबर है।
पार्टी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई उसकी प्राथमिकता है। ऐसे में रंगदारी और जबरन वसूली जैसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के तीन महीने के भीतर ही राज्य में करोड़ों रुपये की उगाही और लूट की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अब इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
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