MP में छात्र आंदोलन तेज, 20 जिलों में सड़कों पर उतरे युवा, इंदौर में ड्रोन से हो रही प्रदर्शनकारियों की निगरानी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर जारी छात्र आंदोलन की गूंज अब मध्य प्रदेश में भी सुनाई देने लगी है। प्रदेश के कई शहरों में छात्र और युवा लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। धरना, रैली, ज्ञापन और विरोध मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 20 जिलों में छात्रों का आंदोलन देखने को मिला।
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, धार, मऊगंज, नर्मदापुरम, झाबुआ, सिंगरौली, भिंड, टीकमगढ़, शाजापुर, सतना, सीधी, रतलाम, रीवा, बैतूल, उमरिया, बड़वानी और श्योपुर में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश में सबसे लंबा आंदोलन इंदौर में चल रहा है। टंट्या भील चौराहे पर 30 जून से शुरू हुआ यह धरना अब अपने 25वें दिन में पहुंच चुका है। शुरुआत महज 5 छात्रों ने की थी, लेकिन अब हर दिन हजारों लोग इस आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। प्रदर्शन स्थल पर लगातार ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान भी कर रही है।
राजधानी भोपाल में एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस के सामने छात्रों का धरना लगातार जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि केवल पेपर लीक पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।
उधर, जबलपुर में इस आंदोलन को लेकर अलग तस्वीर सामने आई है। यहां कुछ लोगों ने लाल हिट पार्टी के नाम से समूह बनाकर CJP के विरोध में प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि छात्रों की मांगों से उन्हें सहमति है, लेकिन आंदोलन का तरीका उचित नहीं है।
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधार को लेकर प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने भी बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने इनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ऐसे में छात्र आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी यह लगातार बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है।
You may also like
-
36 दिन के ऐतिहासिक आंदोलन के आगे झुकी सरकार: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफ़ा!
-
‘यहाँ देखिए, ये है पैलेट गन…’: राहुल गांधी ने साहिल के घाव दिखा सरकार को घेरा!
-
CJP और सरकार के बीच 2 घंटे की बैठक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कल होगा फैसला; मुआवजा और केस वापसी पर बनी सहमति
-
पेपर लीक पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा एक्शन, 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने वाले संशोधन विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी
-
CJP के संसद मार्च के बाद पुलिस की नेमप्लेट पर क्यों उठे सवाल? जानिए ड्यूटी के दौरान क्या कहते हैं नियम?
